शहर में आशियाने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। सहकारी आवास निर्माण एवं वित्त निगम इंदिरानगर विस्तार की अपनी 656.49 एकड़ की पूर्वी विहार योजना में करीब 48 हजार फ्लैट बनाने जा रही है।
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30 से 35 लाख रुपये वाले बहुमंजिला आवासों की यह योजना अगले साल जनवरी से शुरू होने वाली है। योजना को विकसित करने का काम निगम और यूपीएसआईडीसी मिलकर करेंगे। इसको लेकर सहमति हो चुकी है। योजना का काम जल्द से जल्द शुरू करने को लेकर बुधवार को निगम की वार्षिक आमसभा हुई।
फैजाबाद रोड से इंदिरा नगर विस्तार के तकरोही तक फैली यह योजना करीब डेढ़ दशक पुरानी है। बुधवार को सहकारी आवास निर्माण एवं वित्त निगम की आम सभा की बैठक संगीत नाटक अकादमी में हुई। योजना और बैठक के बारे में निगम केअध्यक्ष मुदित वर्मा ने बताया कि योजना में अवस्थापना सुविधाओं मसलन सड़क, नाली, सीवर, पानी, बिजली आदि को विकसित करने का काम यूपीएसआईडीसी करेगी।
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इस पर आने वाले खर्च के एवज में यूपीएसआईडीसी को योजना में जमीन दी जाएगी। यूपीएसआईडीसी चिनहट देवा रोड योजना विकासित करने जा रहा है जो पूर्वी विहार योजना से सटी है। यूपीएसआईडीसी अपनी योजना का विस्तार करना चाहती है।
इसके लिए उसे पूर्वी विहार योजना में जमीन चाहिए है। करार के तहत यूपीएसआईडीसी निगम की योजना में अवस्थापना सुविधाओं का विकास करेगी और इसके एवज में निगम उसे जमीन देगी।
महंगे फ्लैटों केअलावा पूर्वी विहार योजना में उत्तर प्रदेश सरकार की समाजवादी योजना के आवास भी बनेंगे। निगम केअध्यक्ष ने बताया कि योजना में 8000 समाजवादी आवास बनाए जाएंगे। इनकी कीमत वही रहेगी, जो सरकार द्वारा तय की गई है।
नगर निगम की कीमतों में भी प्राइसवार
नगर निगम अपनी आवासीय योजनाओं में प्राइसवार शुरू करेगा। इसके लिए नगर निगम ने एलडीए और आवास विकास से 20 प्रतिशत तक कीमतें कम करने की तैयारी कर ली है। नगर निगम की प्रस्तावित कीमतों में 10 लाख रुपये से 93 लाख रुपये तक के फ्लैट होंगे।
इनका क्षेत्रफल क्रमश: 40 वर्गमीटर से 253 वर्गमीटर होगा। इनमें आधुनिक सुविधाओं के साथ कीमतों को भी कम रखा जाएगा। वहीं शहर की सीमा में होने की वजह से भी यह आवासीय योजना नगर निगम के लिए तुरूप का इक्का हो सकती हैं।
नए साल में अपनी योजनाओं पर काम शुरू करने की तैयारी में नगर निगम ने अब अपने फ्लैट की अनुमानित कीमतों को तय किया है। 93 लाख रुपये के फ्लैट को नगर निगम पूरी तरह लग्जरी बनाकर बेचेगा जिसमें हर आधुनिक सुविधा होगी।
200 वर्गमी में बनने वाले ड्यूपलेक्स एचआईजी मकान की कीमत भी 77 लाख रुपये होगी। इसमें भी मॉड्युलर किचन, बाथरूम जैसे आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि यह कीमत 20 प्रतिशत तक दूसरी सरकारी कार्यदायी संस्थाओं से कम हैं।
इसकी वजह विक्रय दर का 10,000 रुपये प्रति वर्गमीटर तक कम होना है। इसने सीधे तौर पर प्रति यूनिट फ्लैट की कीमत में कमी ला दी है। नगर निगम भले ही पहली बार आवासीय फ्लैट बनाने की योजना लेकर आया हो। इसके बाद भी कोई कमी इन आवासीय योजनाओं में नहीं छोड़ी जा रही है जिससे इनकी बिक्री और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़े।
एलडीए जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र में राजधानी का सबसे बड़ा गेस्टहाउस बनाएगा। इसमें करीब 200 कमरे और 80 डारमेट्री होंगी। इस थ्री स्टार स्तर गेस्ट में 19 मंजिल होगी। गेस्ट हाउस का किराया अन्य थ्री स्टार होटलों के मुकाबले काफी कम रखने की योजना है।
जेपी सेंटर को भविष्य में जो ऑपरेटर संचालित करेगा, गेस्टहाउस का भी संचालन भी वही क्लब करेगा। इसके निर्माण जेपी सेंटर के साथ ही जारी है। राजधानी में अब तक किसी भी होटल में इतने अधिक कमरें नहीं हैं। ऐसे में जेपी सेंटर का ये गेस्ट हाउस अब तक का सबसे बड़ा होगा।
समाजवादी चिंतक जयप्रकाश नारायण के नाम पर जेपी सेंटर विपिन खंड गोमतीनगर में प्रस्तावित है। एलडीए ने पहले इस सेंटर के लिए करीब 300 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी की है। इसमें एक बड़े हिस्से का काम किया जा चुका है। यहां सिविल कार्य लगभग 70 फीसदी तक पूरा हो चुका है।
अगले साल तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस केंद्र का लोकार्पण करेंगे। इस सेंटर में लाइब्रेरी, स्वीमिंग पूल, कैंटीन, कन्वेंशन हाल और तमाम ऐसे स्थल होंगे, जो अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए उपयुक्त हों। इसमें सबसे खास यहां का गेस्ट हाउस होगा। गेस्ट हाउस पूरी तरह वातानुकूलित होगा, जिसमें रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल, क्लब जैसी तमाम सुविधाएं दी जाएंगी।
एलडीए का दावा है कि जेपी सेंटर में राजधानी का सबसे ऊंचा गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। यह 19 मंजिला होगा। इसके निर्माण शुरू हो गया है। यहां जिम, स्वीमिंग पूल, हेल्थ क्लब, मनोरंजन क्लब कॉन्फ्रेंस रूम भी सुविधाएं भी यहां मिलेंगी। इसके अलावा म्यूजियम ब्लॉक, एक्वाटिक ब्लॉक और कन्वेंशन ब्लॉक की सुविधा भी दी जाएगी।
दिल्ली के अप्रवासी भारतीय केंद्र की तर्ज पर आधार पर जेपी सेंटर का भी संचालन किया जाएगा। यहां क्लब मेंबर्स को अत्याधूनिक सुविधाएं दिए जाने की तैयारी है। जेपी सेंटर की फिनीशिंग से पहले इसको ऑपरेटर के हवाले करना पड़ेगा।
उसकी मांग के हिसाब से डिजाइन में कुछ नई चीजें की जाएंगी। इसीलिए ऑपरेटर का चयन जल्द ही किया जाएगा। प्राधिकरण के सचिव एससी वर्मा ने बताया कि विभिन्न मॉडल पर बातचीत की जा रही है। बहुत जल्द ही तय किया जाएगा कि किस तरह से जेपी सेंटर जैसे बड़े केंद्र का संचालन किया जाए।