फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन 2 वजहों से कम हो रहा यूपी में बिजली संकट?

विज्ञापन
विज्ञापन
कुछ दिनों पहले ही यूपी की बिजली समस्या पर आया संकट टलता दिख रहा है। हालांकि यह राहत फौरी भी हो सकती है। मौसम का मिजाज बदलने से प्रदेश में बिजली की मांग में कुछ कमी हुई है जबकि उपलब्धता में इजाफा हुआ है।
विज्ञापन


इन दो वजहों के साथ हो जाने से  बिजली संकट से थोड़ी राहत मिली है लेकिन सिंचाई के लिए बिजली का दबाव अभी बना हुआ है।

किसानों को सिंचाई के लिए जरूरत भर बिजली उपलब्ध कराने के लिए शुक्रवार को दिन में एक करोड़ की अतिरिक्त बिजली खरीदी गई।

फिलहाल रात में शहरो में बिजली कटौती न करने का फैसला किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के लिए दिन में तय शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन

घट गई बिजली की मांग

तापमान में गिरावट के चलते प्रदेश में बिजली की मांग 13,500 मेगावाट से घटकर 13,000 मेगावाट के आसपास रह गई है जबकि अतिरिक्त बिजली खरीदने के बाद उपलब्धता 12,000 मेगावाट से बढ़कर लगभग 12,400 मेगावाट तक पहुंच गई है।

शक्ति भवन स्थित नियंत्रण कक्ष के अभियंताओं के अनुसार शुक्रवार को बिजली की बहुत ज्यादा किल्लत नहीं रही। एनर्जी एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली खरीदकर दिन में गांवों को शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति की गई। रात में शहरी इलाकों को कटौतीमुक्त आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है।

बहुत जरूरी हुआ तो कुछ शहरों में थोड़ी बहुत अतिरिक्त कटौती की जा सकती है लेकिन मौसम को देखते हुए इसकी संभावना बहुत कम है। वहीं अनपरा डी की 500 मेगावाट की इकाई को भी चालू करने का प्रयास किया जा रहा है।

पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है। बारिश न होने से गांवों में सिंचाई के लिए बिजली की मांग ज्यादा है। इसके मद्देनजर शुक्रवार को एनर्जी एक्सचेंज से लगभग एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिजली खरीदकर गांवों को दी गई है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें