राजधानी पहुंचने से पहले शुक्रवार रात करीब दो बजे पुरबिया एक्सप्रेस में बेटी का जन्म हुआ। ट्रेन के चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचने पर जच्चा-बच्चा को एंबुलेंस से झलकारी बाई अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों स्वस्थ हैं।
दिल्ली, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ होते हुए सहरसा जाने वाली पुरबिया एक्सप्रेस में शुक्रवार को मदेपुरा (सहरसा) निवासी फुल्टू यादव पत्नी चुनचुनदेवी के साथ सफर कर रहे थे। चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचने से करीब 45 मिनट पहले उनकी पत्नी को दर्द होने लगा।
सूचना गार्ड के जरिये चारबाग स्टेशन मास्टर तक पहुंची। पति फुल्टू यादव ने बताया कि डिलीवरी के दौरान मदद के लिए महिला पैसेंजर आगे आईं। रात करीब ढाई बजे ट्रेन चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची तो वहां मदद के लिए पहले से एंबुलेंस खड़ी थी।
पुश्तैनी घर में थी डिलीवरी की ख्वाहिश
महिलाओं की मदद से दिया बच्ची को जन्म
- फोटो : amar ujala
प्रसूता को तुरंत झलकारी बाई अस्पताल भेज दिया गया। वहां दोनों स्वस्थ हैं। दिल्ली में मजदूरी करने वाले पति फुल्टू यादव ने बताया कि सहरसा में उनका पुश्तैनी मकान है, जहां भरा-पूरा परिवार है।
चूंकि, डॉक्टरों ने डिलीवरी की तारीख 22 जुलाई बताई थी, इसलिए घर जा रहे थे। ट्रेन में बेटी के जन्म की उम्मीद नहीं थी, वरना सफर ही न करते। ख्वाहिश तो थी कि पुश्तैनी घर पर परिजनों के बीच बेटी का जन्म हो।
हालांकि, रेलवे अधिकारी लगातार जच्चा-बच्चा के बारे में पति से मोबाइल पर जानकारी हासिल करते रहे। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व गत 21 जून को काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में जुड़वा बच्चों को महिला यात्री ने जन्म दिया था।
आलमनगर में बेटा जन्मा था, जबकि ट्रेन के चारबाग पहुंचने पर डॉक्टर व आरपीएफ सिपाहियों की मदद से बेटी की सफल डिलीवरी हुई थी।