जीबीसी के जरिए प्रदेश में 10,23,537 करोड़ की 14,619 परियोजनाओं का शुभारंभ होने जा रहा है। सबसे खास बात ये है कि प्रदेश के सभी हिस्सों और जनपदों में ये निवेश होगा। इसके अंतर्गत सर्वाधिक 52 प्रतिशत निवेश परियोजनाओं की शुरुआत प्रदेश के पश्चिमांचल हिस्से में होगी। वहीं पूर्वांचल में 29 प्रतिशत, मध्यांचल में 14 प्रतिशत और बुंदेलखंड में 5 प्रतिशत निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निवेश परियोजनाओं की शुरुआत होगी। इसमें 19 जिले तो ऐसे हैं जिन्होंने निवेश लक्ष्य का शत प्रतिशत से भी ज्यादा हासिल किया। इसमें एटा ने 354 प्रतिशत, सीतापुर ने 145 प्रतिशत, शाहजहांपुर ने 127 प्रतिशत, सोनभद्र ने 121 प्रतिशत, चंदौली ने 117 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद ने 114 प्रतिशत, मीरजापुर ने 113 प्रतिशत, हरदोई ने 111 प्रतिशत, अमेठी ने 108 प्रतिशत, बाराबंकी ने 108 प्रतिशत, फतेहपुर, गोंडा ने 105 प्रतिशत, बरेली ने 104 प्रतिशत, रामपुर ने 103 प्रतिशत, बहराइच ने 101 प्रतिशत और लखीमपुर खीरी, भदोही व बिजनौर ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है।
सभी सेक्टर्स में हो रहा निवेश
अधिकांश 19.24 प्रतिशत निवेश आवास में होना निर्धारित है। इसके अलावा 15 प्रतिशत निवेश रिन्यूएबल एनर्जी में, 13 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग में, 10 प्रतिशत आईटी एवं आईटी आधारित सेवाओं में, 7.83 प्रतिशत लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग में, 7.5 प्रतिशत ऊर्जा में, 6.01 प्रतिशत फूड प्रॉसेसिंग में, 5.27 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में, 2.96 प्रतिशत शिक्षा में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही, कृषि (0.37%), पशुपालन (0.25%), ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक वाहन (0.33%), जैव ईंधन/बायोमास (0.82%), डेयरी (1.04%), डिफेंस एवं एयरोस्पेस (0.55%), डिस्टलरीज (0.84%), वित्तीय सेवाएं (0.12%), खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति (1.08%), स्वास्थ्य सेवाएं (2.73%), आतिथ्य एवं मनोरंजन (2.78%), अवस्थापना (0.02%), टेक्सटाइल एवं हथकरघा (1.28%), काष्ठ आधारित उद्योग (1.00%) और अन्य क्षेत्र (0.11%) में भी निवेश परियोजनाओं की शुरुआत होगी।
16 विभागों ने प्राप्त किया शत प्रतिशत लक्ष्य
37 विभागों के माध्यम से प्रदेश में 10 लाख करोड़ से अधिक की जो परियोजनाएं शुरू हो रही हैं, उसमें 37 विभाग अपना योगदान दे रहे हैं। इनमें 16 विभाग ऐसे हैं जिन्होंने 100 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल किया है। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग ने 888 प्रतिशत, फूड एंड सिविल सप्लाई (226%), वन विभाग (182%), आयुष (173%), पशुपालन (167%), ऊर्जा (165%), माध्यमिक शिक्षा (139%), तकनीकी शिक्षा (133%), उद्यान (120%), अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत (114%), केन डेवलपमेंट एंड शुगर इंडस्ट्री (112%), चिकित्सा शिक्षा (110%), स्वास्थ्य (105%), यीडा (103%), नागरिक उड्डयन (100%) और जीनीडा (100%) शामिल हैं।
पहले हो चुकी हैं 3 जीबीसी
यह योगी सरकार का चौथा ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह है। इससे पहले योगी सरकार तीन ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित कर चुकी है, जिसके माध्यम से प्रदेश में 2.10 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश धरातल पर उतारा गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने फरवरी-2018 में पहली बार यूपी इन्वेस्टर्स समिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया था। समिट में 4.28 लाख करोड़ रुपए के 1,045 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके बाद जुलाई-2018 में प्रथम ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह तथा जुलाई 2019 में दूसरा ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किया गया, जिसमें क्रमशः 61,792 करोड़ रुपए के निवेश वाली 81 परियोजनाओं तथा 67,202 करोड़ रुपए के निवेश वाली लगभग 290 परियोजनाओं का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया। जून 2022 में, ग्राउंड-ब्रेकिंग समारोह के तीसरे संस्करण का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 80,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश वाली 1,400 से अधिक परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया।