पीड़िता का आरोप है कि नावेद जब उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। उसी समय उसके दोस्त दाउद ने चोरी से वीडियो बना लिया। आरोप है कि 16 दिसंबर को दाउद और नावेद ने वीडियो दिखाई और इसके बाद शादी के लिए मना कर दिया। साथ ही वीडियो को वायरल करने की धमकी दी।
दोनों ने धमकी देने के बाद उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद धमकी दी कि किसी को बताया तो वीडियो वायरल कर देंगे। जब यह बात हॉस्पिटल के मालिक जहीर अहमद सिद्दीकी और नावेद के भाई आदिल को बताई तो दोनों भड़क गए। युवती को चुप रहने की धमकी दी गई। आरोप है कि उसके पीछे गुंडे लगाये गए।
पीड़िता का आरोप है कि वारदात से वह काफी परेशान हो गई। वापस 23 दिसंबर को दिल्ली चली गई। इसकी जानकारी होने पर आरोपियों ने तलाश शुरू की। आरोप है कि 26 दिसंबर को नावेद का भाई आदिल दिल्ली के शाहीन बाग ओखला मेट्रो स्टेशन के पास अचानक से सामने आ गया। उसने हाथ पकड़ लिया और बोला हम तुझे यहां भी नहीं छोड़ेंगे। आदिल ने वहां फिर से वही वीडियो दिखाई जो नावेद व दाउद ने बनाई थी। उसने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। किसी तरह से पीछा छुड़ाकर वह वहां से भागी।
पीड़िता का आरोप है कि उसने 29 दिसंबर को शाहीन बाग थाने में तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक काकोरी कुलदीप सिंह गौर के मुताबिक, पीड़िता की तहरीर पर दिल्ली के शाहीन बाग थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। वारदात स्थल काकोरी होने के कारण केस स्थानांतरित कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।