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मिलावटी शराब के लिए फर्जी शराब बोतल, ढक्कन बनाने वाला गिरोह का पर्दाफाश

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लखनऊ। कमिश्नरेट में अवैध तरीके से ब्रांडेड कंपनियों के नाम से फर्जी मोनोग्राम, शराब की बोतलें, ढक्कन बनाने का कारोबार फल-फूल रहा है। ऐसे एक गिरोह का पर्दाफाश एसटीएफ ने किया है। इस मामले में एटीएफ ने दो आरोपियों को दबोचा है। उनके पास से भारी मात्रा में शराब की बोतलें, ढक्कन, सील बोरियां बरामद की हैं।
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डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही की टीम ने सोमवार शाम को बाजारखाला के नेहरूक्रॉस के पास से खजुआ रकाबगंज निवासी राजेश जायसवाल और सीतापुर के पृथ्वीपुर निवासी विनय जायसवाल को गिरफ्तार किया है। विनय मड़ियांव के भिटौली रायपुर में रहता है। पुलिस ने दोनों के पास से 20 हजार ढक्कन, 3100 मोनोग्राम, खाली बोतलें, एक बाइक और आठ बोरियां बरामद की हैं। लखनऊ व आसपास के जिलों में सरकारी ठेकों पर सबसे ज्यादा ये ढक्कन, मोनोग्राम व बोतलें सप्लाई की गईं। यहां के सेल्समैन से साठगांठ कर यह फर्जीवाड़ा धड़ल्ले से चल रहा था।
ब्रांडेड नाम से बेची जा रही थी मिलावटी शराब
डिप्टी एसपी डीके शाही के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने कुबूल किया है कि कमिश्नरेट व आसपास के जिलों में कई दुकानों पर नकली शराब का कारोबार होता है। यह गिरोह इन नकली शराब के कारोबारियों को ब्रांडेड कंपनियों के नाम से सील, ढक्कन, बोतलें उपलब्ध कराते थे। दोनों ने कुबूल किया कि नकली ढक्कन व बोतल कानपुर के मूलगंज निवासी छोटू के जरिए खरीदकर लखनऊ लाया जाता है। इसके बाद विनय जायसवाल शराब भरकर सील कर असली बना देता था जिसे तय दुकानों के सेल्समैन के हवाले कर दिया जाता है जो उसे बेचने के बाद रकम विनय को दे देते हैं। यह गिरोह लखनऊ के अलावा रायबरेली, गोंडा, बाराबंकी व सीतापुर सहित आसपास के राज्यों में भी इस तरह केसामानों की आपूर्ति करता है।
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