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लखनऊः एफएसडीए टीम की कार्रवाई, अवैध वाटर प्लांट पर जड़ा ताला, दो नमूने भेजे लैब

Tue, 09 Jul 2019 02:39 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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अवैध प्लांट से बरामद पानी के पाउच - फोटो : अमर उजाला
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 बिना पंजीकरण और लाइसेंस के लखनऊ के बंगला बाजार में चल रहे वाटर प्लांट पर सोमवार को एफएसडीए ने छापा मारा। यहां बोतल व प्लास्टिक के पाउच में पानी पैक कर सजलधरा परफेक्ट ब्रांड के नाम से बेचा जा रहा था। टीम ने प्लांट पर ताला जड़ सप्लाई को मौजूद पानी के 35 सौ पाउच जब्त कर लिए।
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पानी के दो नमूने भी जांच को लैब भेजे गए हैं। एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी एसएसएच आब्दी ने बताया कि शिकायत मिली थी कि बंगला बाजार के भदरूख इलाके में सुनील पुत्र जगमोहन मिनरल पानी के नाम पर बोरिंग का पानी भरकर बेच रहा है।

इस पर सीएसएफओ एसके मिश्रा के नेतृत्व में एफएसओ की टीम को छापेमारी के लिए भेजा गया। मौके पर आवासीय भवन में मानक के विपरीत बोरिंग के पानी को प्रतिबंधित प्लास्टिक के पाउच, जार व बोतलों में भरकर बेचा जा रहा था।
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रिपोर्ट के बाद कार्रवाई

कार्रवाई करती एफएसडीए की टीम - फोटो : अमर उजाला
टीम के जलधारा परफेक्ट इंटरप्राइजेज का पंजीकरण व फूड लाइसेंस मांगने पर संचालक कोई दस्तावेज नहीं पेश कर पाया। इसके अलावा वाटर प्लांट चलाने को जरूरी एनओसी भी नहीं थी। इस पर टीम ने प्लांट पर ताला जड़ दिया। इससे पहले 35 बोरे के (एक बोरे में सौ पाउच) स्टाक को जब्त कर लिया गया।

प्लांट से दस व बीस लीटर के जार में बोरिंग का पानी भरकर आस-पास के इलाकों में 35 से 50 से रुपये की दर पर बेचा जा रहा था। टीम ने बताया कि प्लांट में दो मशीनों से पानी के पाउच की पैकिंग की जा रही थी। एक पाउच में दो सौ एमएल पानी था। इसे दो रुपये प्रति पाउच की दर पर बेचा जा रहा था। सीज स्टाक व प्लांट की कीमत 50 हजार रुपये आंकी गई है।

अवैध प्लांट इलाके में काफी समय से चल रहा था। सीएफएसओ ने बताया कि सप्लाई को तैयार पाउच में बीआईएस सर्टिफिकेट और एफएसएसएआई लाइसेंस का विवरण पैकिंग डेट, बैच नंबर, बेस्ट बिफोर की सूचना भी नहीं मिली। संचालक भी कोई वैधानिक दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इस कारण प्लांट को सील कर दिया गया। अब लैब भेजे गए पानी की नमूना रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई

जड़ा ताला - फोटो : अमर उजाला
शुद्ध व सुरक्षित पेयजल के नाम पर शहर में बड़ी संख्या में पानी के अवैध प्लांट चल रहे हैं। बिना रजिस्ट्रेशन और फूड लाइसेंस के पैक्ड ड्रिकिंग वाटर बेचने के सुरक्षा मानक ताक पर रख ब्रांडेड कंपनी से मिलते नाम के सहारे 20 लीटर जार से लेकर बोतल और प्रतिबंधित प्लास्टिक के पाउच में पानी भरकर बेचा जा रहा है।

भूगर्भ जल का अंधाधुंध दोहन कर ऐसे अवैध प्लांट पर्यावरण के संतुलन को भी बिगाड़ रहे हैं। जानकार बताते हैं कि अवैध वाटर प्लांट लगाने में ढाई से तीन लाख का खर्च आता है। यहां आरओ प्लांट के साथ पानी ठंडा करने को सिर्फ एक चिलर मशीन लगाकर बोरिंग के भूजल को मिनरल के नाम पर सप्लाई किया जाता है।
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