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पढ़िए, इस पुलिस के लाल की करतूत

Mon, 06 Oct 2014 12:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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स्क्रैप बेचने का झांसा देकर प्रदेश के जालसाजों ने मुंबई और कोलकाता के बड़े कारोबारियों को अपने जाल में फंसाया। उन्हें लखनऊ के तमाम इलाकों में घुमाते रहे।
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जब कारोबारियों ने बगैर दस्तावेज स्क्रैप खरीदने से इन्कार कर दिया तो जालसाज उन्हें हजरतगंज में गेस्ट हाउस के एक कमरे में बंधक बना लिया। उन पर रुपए देने का दबाव देने लगे।

सूचना पर पुलिस ने चार जालसाजों को गिरफ्तार कर कारोबारियों को मुक्त कराया। सीओ हजरतगंज राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि कोलकाता के स्क्रैप कारोबारी आसिफ से कुछ दिनों पहले लखनऊ के कुछ जालसाजों ने संपर्क किया था।
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उन लोगों ने मार्केट से काफी कम कीमत पर माल बेचने की बात कही। इसी तरह का झांसा मुंबई के मो. सुबेर को भी दिया। जालसाजों की बातों में आकर आसिफ अपने साले साबाज आलम के साथ और मुंबई से मो. सुबेर लखनऊ पहुंचे।

गेस्ट हाउस में ही बनाया बंधक

जालसाजों ने उन्हें लालबाग के बालाजी गेस्ट हाउस में ठहराया। इसके बाद उन्हें लखनऊ के कई स्थानों पर स्क्रैप लदे ट्रक दिखाए।

जालसाजों ने इन कारोबारियों से गोदाम में रखा स्क्रैप दिखाकर खरीदने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

आसिफ और सुबेर ने स्क्रैप से जुड़े जरूरी दस्तावेज मांगे तो उन्होंने ब्लैक में सारा माल खरीदने को कहा। कारोबारियों ने मना किया तो जिस कमरे वो ठहरे थे उसी में उन्हे बंधक बना लिया।

इसी बीच आसिफ ने 100 नंबर डायल करके पुलिस से मदद मांगी। हजरतगंज पुलिस ने गेस्ट हाउस पर छापा मार कर वहां से चार जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया।
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ये हैं वो जालसाज

इस पूरी घटना को अंजाम देने वाले जालसाजों की पुलिस ने पहचान कर ली है। इन जालसाजों में बलरामपुर निवासी मो. इमरान, सिद्धार्थनगर के फकरे आलम, गोंडा के मो. कलाम और लखनऊ में गुडंबा के निवासी पीयूष शामिल हैं।

इस गिरोह का सरगना पीयूष है। सीओ हजरतगंज के मुताबिक पीयूष के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। पीयूष हॉकी खिलाड़ी है और कई बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है।
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