इसके लिए उन्हें कंपनी की तरफ से पॉइंट ऑफ सेल्स (पीओएस) व फिंगर प्रिंट मशीन उपलब्ध कराने की बात कही जाती थी। हर आवेदक से 1000 रुपये रजिस्ट्रेशन और 10,000 रुपये मशीन के नाम पर जमा कराए जाते। एसएसपी ने बताया कि ठगों के ऑफिस से करीब 700 ऐसे लोगों का ब्यौरा मिला है जिन्होंने पीओएस व फिंगर प्रिंट मशीन लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। ठगों के खिलाफ क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह की तरफ से केस दर्ज कराया गया है।
पुलिस टीम में क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह, आशियाना थाना के एसएसआई नयन सिंह, संजय शुक्ला, क्राइम ब्रांच के सिपाही अभिजीत कुमार, इंद्रप्रताप सिंह, अनिल कुमार, राजीव कुमार, विशाल सिंह, दीपक कुमार, देवेश यादव, सरताज अहमद, विशाल गुप्ता व धनंजय राय शामिल थे।
मोबाइल पर इनकमिंग सुविधा नहीं, डमी डायरेक्टर बन खुलवाए खाते
एएसपी क्राइम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि ठगों के पास 18 मोबाइल नंबर बरामद हुए हैं। सभी पर इनकमिंग सुविधा नहीं थी। ठगों ने नौकरी फॉर जॉब्स कंपनी का अकाउंट यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में खुलवाया था। एसबीआई में डमी डायरेक्टर बन खाते खुलवाए। खाते में टीम को दो लाख रुपये जमा मिले। खाता सीज कर दिया गया है।
गिरोह के सदस्यों ने पांच साल पहले नोएडा में नौकरी फॉर जॉब्स नाम से पोर्टल खोलकर ठगी की थी। इसके रिकॉर्ड मिले हैं। इसके बाद शाइन टुडे नाम की कंपनी शुरू की। एएसपी क्राइम ने बताया कि ठगों के खिलाफ नोएडा में कोई एफआईआर हुई है या नहीं? इसका पता लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्य बीते वर्ष लखनऊ आए थे। इसी महीने ठगों ने एचटीजेई सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक नई कंपनी रजिस्टर्ड कराई थी।
गर्लफ्रेंड और क्लबों में उड़ाते थे रकम
बदमाशों ने बताया कि ठगी की रकम से रोज शाम को वह लखनऊ के बड़े होटल-रेस्टोरेंट और क्लबों व लाउंज में मौज-मस्ती करते थे। ब्रांडेड कपड़े, घड़ियां और जूते पहनते, गर्ल फ्रेंड को कीमती तोहफे देते थे।
पढ़े-लिखे भी खूब : बीटेक-बीटीसी कर बन गए ठग
एएसपी क्राइम ने बताया कि पकड़े गए शातिर काफी पढे़-लिखे हैं। शैलेश मिश्रा ने भोपाल से बीटेक व अतुल पांडेय ने बीटीसी किया है। आशीष मिश्रा ने बीएससी करने के बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया है जबकि बाकी दोनों ठग स्नातक हैं। बीटेक और बीटीसी की पढ़ाई करने के बाद नौकरी करने के बजाए सबने मिलकर कंपनी खोलकर ठगी की साजिश रची।
यह सामान हुआ बरामद
ठगों के पास से चार सेट कंप्यूटर, दो लैपटॉप, 18 मोबाइल फोन, एक प्रिंटर, सिमकार्ड के सात सॉकिड, तीन पेन ड्राइव, मोबाइल फोन के 11 चार्जर, छह इंटरनेट एक्सटेंशन, तीन चेकबुक, एक मोहर, 12 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, एक हांडा सिटी कार व दो बाइक।