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जाली हैसियत प्रमाणपत्र के सहारे बना बड़ा ठेकेदार

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एलडीए में जाली हैसियत प्रमाणपत्र लगा ठेकेदार फ र्म का पंजीकरण करा लिया। करीब चार साल से ठेकेदार आमोद राय, अवंतिका एसोसिएट के नाम से एलडीए में काम भी पाता रहा। अब फर्म के दस्तावेजों की जांच हुई तो पता चला कि उसका हैसियत प्रमाणपत्र ही जाली है। इसके आधार पर उसने खुद की फर्म को बी श्रेणी में पंजीकृत करा बड़े काम ले लिए। वीसी अक्षय त्रिपाठी के आदेश पर अब फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। गोमतीनगर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
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एलडीए के अधिकारियों के मुताबिक पंजीकृत फर्म को जो प्रमाणपत्र डीएम के यहां से जारी हुआ, उसमें बी श्रेणी के पंजीकरण के लिए 35.77 लाख रुपये हैसियत दर्ज की गई है। वहीं जो प्रमाण पत्र की कॉपी एलडीए में लगाई गई, उसमें हैसियत 45.77 लाख रुपये दिखाई गई है। वहीं एलडीए से ठेका लेने के लिए जो अनुभव प्रमाण पत्र लगाए गए, उनमें 28 नवंबर 2019, 21 दिसंबर 2021 के काम दिखाए गए। इनका सत्यापन नगर पालिका परिषद नवाबगंज, बाराबंकी से कराया गया तो पता चला कि ऐसा कोई अनुभव प्रमाणपत्र वहां से जारी नहीं किया गया। ऐसे में वीसी अक्षय त्रिपाठी ने सरकारी ठेका पाने के लिए जाली दस्तावेज उपयोग करने के चलते फ र्म को ब्लैकलिस्ट करते हुए एफआईआर कराने का आदेश जारी कर दिया।
ठेकेदार ने नहीं दिया कोई जवाब
मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह का कहना है कि कार्रवाई से पहले ठेकेदार फर्म को नोटिस जारी किया गया था। लेकिन, फर्म की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। दस्तावेजों के सत्यापन में ठेकेदार का फ्रॉड पकड़ा गया। इसके बाद विधिक कार्रवाई की गई है।
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पंजीकरण के समय सत्यापन क्यों नहीं?
इस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि अभी तक कितने काम ठेकेदार को बिना दस्तावेजों के सत्यापन के ही दिए गए। इनकी भी जांच होनी चाहिए। वहीं यह क्यों सुनिश्चित नहीं किया जाता है कि पंजीकरण के समय उपयोग हुए दस्तावेज जैसे हैसियत प्रमाण पत्र सही हैं या नहीं? यह जांच सभी ठेकेदार फर्मों की कराई जानी चाहिए।
लोकायुक्त से की मुख्य अभियंता की शिकायत
इसी ठेकेदार ने मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह के खिलाफ आय से अधिक मामले की जांच कराने के लिए शिकायत लोकायुक्त से की थी। इसके बाद लोकायुक्त ने मुख्य अभियंता को नोटिस जारी कर जरूरी दस्तावेज के साथ अपना जवाब देने के लिए कहा था। मुख्य अभियंता का दावा है कि यह शिकायत झूठी थी। इसका जवाब शासन और लोकायुक्त दोनों को भेज दिया गया है।
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