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कर्मचारियों के ढाई करोड़ रुपये हड़पकर ई-कॉमर्स कंपनी फरार

Sat, 15 Apr 2017 02:34 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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राजेश कोकापुरथ - फोटो : amar ujala
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लखनऊ में विभूतिखंड के शालीमार टाइटेनियम के तीसरे तल पर स्थित ई-कॉमर्स कंपनी जीआईएसआई ई-क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड अपने 150 कर्मचारियों की सैलरी के लगभग ढाई करोड़ रुपये हड़पकर भाग गई।
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कर्मचारियों ने एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस से संपर्क किया तो उन्हें थाना से टरका दिया गया। पीड़ित कर्मचारियों ने एसएसपी मंजिल सैनी से शिकायत करने की बात कही है।

थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने कहा कि कंपनी के अकाउंटेंट ने पहले ही संचालक के खिलाफ अमानत में खयानत की एफआईआर दर्ज करा रखी है।
कंपनी की डिजिटल मार्केटिंग टीम की हेड जानकीपुरम सेक्टर आई जानकीविहार कॉलोनी निवासी मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी संचालक राजेश कोकापुरथ और उसकी पत्नी सरिता मोहनदास हैं।
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दोनों विकल्पखंड स्थित ट्यूलिप अपार्टमेंट में रहते हैं। राजेश ने पत्नी के नाम से ई-कॉमर्स कंपनी शुरू की और शालीमार टाइटेनियम में शानदार ऑफिस खोला। कंपनी में छोटे-बड़े और स्थाई-अस्थाई मिलाकर 100 से 150 लोग काम करते थे।

हालांकि, कुछ ही महीने में कंपनी की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई और बिजनेस बंद हो गया। यहां तक कि वेतन तक के लाले पड़ने लगे। अप्रैल 2016 से जुलाई 2016 तक कंपनी अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे सकी।

 
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रकम चुकाने की बात कहकर टरकाते रहे

व‌िभूत‌िखंड में खोला था शानदार आॅफ‌िस - फोटो : amar ujala
कर्मचारियों ने राजेश से संपर्क किया तो उन्होंने कुछ वक्त मांगा। राजेश धीरे-धीरे करके सबकी रकम चुकाने की बात कहकर टरकाते रहे। दिसंबर 2016 में उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। कंपनी के डीजीएम और एचआर हेड के फोन भी बंद हो गए।

पीड़ित कर्मचारी कंपनी के ऑफिस पहुंचे तो वहां भी ताला लटका मिला। थाना प्रभारी का कहना है कि कंपनी के अकाउंटेंट ठाकुरगंज के मोहिनीपुरवा निवासी नीलेंद्र कुमार यादव ने बीते सप्ताह संचालक राजेश कोकापुरथ और उनकी पत्नी सरिता मोहनदास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मनीषा का कहना है कि वह अन्य पीड़ितों के साथ एसएसपी से मिलकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगी।

इन्होंने की शिकायत-
ठाकुरगंज के मोहिनीपुरवा निवासी नीलेंद्र कुमार यादव के 2,03244 रुपये
जानकीपुरम सेक्टर आई निवासी मनीषा श्रीवास्तव के 1,21204 रुपये
इंदिरानगर डी ब्लॉक में रहने वाले संतोष गुप्ता के 3,7500 रुपये
बालागंज के कैंपबेल रोड निवासी अभिषेक राज के 59,304 रुपये

निशातगंज के पेपरमिल कॉलोनी निवासी अल्तमश खान के 73,136 रुपये
पॉलीटेक्निक के पास रहने वाली सपना गुप्ता के 47000 रुपये
ठाकुरगंज घासमंडी की रेहाना बी. अंसारी के 74,536 रुपये
गोमतीनगर विनयखंड निवासी नाहिद जहां के 94,982 रुपये
आलमबाग बरहा रोड आनंदनगर के अभिषेक गुप्ता के 71,982 रुपये
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दिल्ली, मुंबई और कोचीन में भी खोले थे ऑफिस

डेमो - फोटो : demo pic
मनीषा ने बताया कि जीआईएसआई ई-क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड ई-कामर्स के क्षेत्र में काम करने के साथ ही वेबसाइट बनाती थी। विभिन्न कंपनियों के लिए आर्डर पर सॉफ्टवेयर भी बनाए जाते थे। मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर और डिजिटल मार्केटिंग से संबंधित प्रोग्राम बनाने में कंपनी अग्रणी मानी जाती थी।
 
पीड़ितों ने बताया कि कंपनी ने बड़े पैमाने पर काम शुरू किया था। राजेश कोकापुरथ ने दिल्ली, मुंबई और कोचीन में भी ऑफिस खोले थे। हालांकि, वर्तमान में सभी ऑफिसों में ताला लग चुका है।

कर्मचारी जब कंपनी के डीजीएम और एचआर हेड से राजेश से मिलने के लिए कहते तो वह कभी मुंबई तो कभी कोचीन में होने की जानकारी देकर टरका देते।
पीड़ितों ने कहा कि करोड़ों रुपये डकारकर कंपनी का संचालक राजेश कोकापुरथ विदेश भाग सकता है।

मनीषा ने बताया कि कंपनी ने सभी कर्मचारियों का भविष्य निधि (ईपीएफ) का पैसा उनकी सैलरी से काटा लेकिन यह रकम ईपीएफ अकाउंट में जमा नहीं कराई गई।

पीड़ित कर्मचारियों ने ईपीएफ के ऑफिस में संपर्क किया तो पता चला कि एक साल से कंपनी ने अकाउंट में रकम नहीं जमा की है। कंपनी की शिकायत के बाद ईपीएफ ऑफिस से नोटिस जारी करके 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है।
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