मलिहाबाद। क्षेत्र में बुखार से पीड़ित चार के साल के बच्चे की शुक्रवार देर रात मौत हो गई। वह निजी अस्पताल में भर्ती था। पिता का कहना है कि सुबह तेज बुखार आया था और रात में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, इलाके में कई लोग संक्रामक रोग से ग्रस्त हैं।
जिंदौर ग्राम पंचायत के तकिया गांव निवासी मुनीश ने बताया कि उनके बेटे जैद को शुक्रवार सुबह तेज बुखार आया था। जिस पर रहीमाबाद के एक निजी अस्पताल दिखाने ले गए। वहां से हालत गंभीर होने पर लखनऊ के एक निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया था। देर रात तबीयत बिगड़ने लगी और बच्चे की मौत हो गई। अब मां रुखसाना सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि दो सप्ताह पहले तकिया गांव में कैंप लगाकर दवाएं वितरित की गई थीं। टीकरकण भी कराया गया था। कई लोगों ने बच्चों को टीका नहीं लगवाए थे। एक वर्ग के लोगों ने इसका विरोध भी किया था।
निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़
बारिश के बाद से मलिहाबाद क्षेत्र के गांवों में बुखार, सर्दी, खांसी जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैंप लगाकर दवाइयां वितरित की हैं, लेकिन ज्यादातर गांवों में कैंप नहीं लग पाएं हैं। इस कारण लोग निजी अस्पतालों और झोलाछाप से इलाज कराने के लिए मजबूर हैं।