गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ियों को आने-जाने के लिए अलग से फोरलेन रोड का निर्माण किया जाएगा। यह सड़क गंग नहर के दोनों ओर होगी। यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर तक 113 किमी लंबी सड़क पीडब्ल्यूडी बनाएगी। जबकि उत्तराखंड की सीमा के भीतर हरिद्वार तक सड़क निर्माण के लिए वहां के शासन ने भी हरी झंडी दे दी है।
इससे सावन के महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान इस मार्ग पर वाहनों के टकराने की समस्या ही खत्म हो जाएगी। नतीजन पुलिस व प्रशासन के सामने न तो दिक्कतें पैदा होंगी। वहीं, कावंड़ियों रास्ता देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग बड़े वाहनों के लिए बंद करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
हरिद्वार से मोदीनगर (गाजियाबाद) तक गंग नहर के बायीं ओर 115 किमी लंबी टू लेन सड़क बनी हुई है। अब गंग नहर के दायीं ओर भी सड़क बनाने का फैसला किया गया है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार, दायीं ओर की सड़क की कुल लंबाई 113 किमी होगी। इस परियोजना पर करीब 200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें प्रस्तावित सड़क और पूर्व में बनी सड़क पर लाइट लगाने की लागत भी शामिल है।