भाजपा ने प्रदेश में चार लाख कार्यकर्ताओं का आंख-कान के रूप में उपयोग करने का फैसला किया है। पूरे देश में ऐसे कार्यकर्ताओं की संख्या 15 लाख होगी। इनके कंधे पर पार्टी का संगठनात्मक ढांचा मजबूत करने के साथ चुनावी इंतजाम और आंदोलनों की भी जिम्मेदारी डाली जाएगी। इसके लिए इन्हें अलग से ट्रेनिंग देकर जिम्मेदारियों को निभाने के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे।
पार्टी रणनीतिकारों की कोशिश है कि भाजपा के लिए कार्यकर्ताओं की एक ऐसी टीम खड़ी की जाए जो हर दृष्टि से उपयोगी हो। महासंपर्क अभियान के जरिये पार्टी ने इस काम को भी पूरा करने की योजना बनाई है।
अभियान पर निकलने वाले कार्यकर्ताओं को इस लिहाज से ट्रेनिंग भी दी जाएगी। संपर्क पर जाने वाले कार्यकर्ता खासतौर से यह देखेंगे कि संबंधित व्यक्ति की राजनीतिक कार्यों में कितनी रुचि है और उसकी अपने क्षेत्र में स्थिति क्या है।
सदस्य बनने वाले की पृष्ठभूमि और कामकाज के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि पार्टी से जुड़ा व्यक्ति सिर्फ साधारण सदस्य के रूप में ही काम कर सकता है अथवा उसके पास संगठनात्मक कामकाज के लिए भी समय है।
इन्हीं में से बनेंगे पदाधिकारी
प्रदेश के सदस्यता प्रमुख स्वतंत्रदेव के अनुसार, मिस्ड कॉल के जरिये कई लोग पार्टी से जुड़ गए हैं। महासंपर्क अभियान के तहत अब इनमें से ऐसे लोगों को तलाशा जाएगा जो पार्टी के लिए सक्रिय रूप से काम कर सकें। कुछ समय दे सकें। ऐसे लोगों को पार्टी का सक्रिय सदस्य बनाया जाएगा।
इन्हीं कार्यकर्ताओं में मंडल (ब्लाक) से प्रदेश पदाधिकारियों तक का चयन होगा। सभी का पूरा ब्यौरा, उनका संपर्क नंबर या अन्य माध्यमों का डॉटा बैंक तैयार किया जाएगा ताकि किसी भी स्थिति में प्रदेश के चार लाख कार्यकर्ताओं को किसी मुहिम पर लगाया जा सके।
साथ ही प्रदेश के सभी 1.40 लाख बूथों तक कार्यकर्ताओं का अच्छा नेटवर्क बन सके।
जैसी रुचि वैसा दिया जाएगा काम
रणनीतिकारों की कोशिश कार्यकर्ताओं को उनकी रुचि के अनुसार काम देने की भी है। भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक इसकी पुष्टि करते हैं। बतौर पाठक संपर्क अभियान के तहत लोगों से उनकी पृष्ठभूमि जानने के साथ उनकी योग्यता व कामकाज के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी।
उदाहरण के लिए पार्टी से जुड़ा कोई व्यक्ति स्वैच्छिक संगठन के जरिये सामाजिक क्षेत्र में काम कर रहा है या कोई ग्राम विकास के क्षेत्र में काम कर रहा है तो ऐसे लोगों को पार्टी इसी तरह के काम से जोड़ेगी। कार्यकर्ताओं के समूह बनाकर उन्हें उनकी रुचि के अनुसार काम सौंपा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पहले ही कह चुके हैं कि हमें भाजपा कार्यकर्ताओं के रूप में सिर्फ राजनीतिक काम करने वालों का समूह नहीं बल्कि समाज सेवा करने वालों की टीम भी बनानी है। पार्टी का अभियान इस काम को भी पूरा करेगा।