लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल में किडनी रोगियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में मशीनों के खराब होने से मरीजों की समय पर डायलिसिस नहीं हो पा रही है। चार डायलिसिस मशीनें एक महीने से खराब पड़ी हैं। इन मशीनों की मरम्मत का जिम्मा निजी कंपनी के पास है। कंपनी इन मशीनों को ठीक नहीं कर पा रही है। अब कंपनी इन्हें निष्प्रयोज्य घोषित करने की तैयारी में है।
अस्पताल में रोजाना 30-35 मरीजों की डायलिसिस होती थी। इसके लिए यहां डायलिसिस यूनिट में 15 मशीनें हैं, जिनमें से चार खराब हैं। ऐसे में केवल 11 मशीनों से काम चल रहा है। मशीनों की कमी से मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इन मशीनों को ठीक करने के लिए कंपनी के इंजीनियर आए, लेकिन तकनीकी खामी दूर नहीं कर सके।
डायलिसिस विशेषज्ञों के अनुसार, मरीजों की डायलिसिस तय समय पर होना आवश्यक है। इसमें देरी या समय कम होने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के मुताबिक, कंपनी को फिर से सूचना दी गई है। मशीन ठीक न होने पर कंपनी पर जुर्माना लगाया जाएगा।