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Lucknow News: डेंगू के चार व बुखार के 32 मरीज भर्ती

Tue, 05 Nov 2024 02:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। जिले में डेंगू और बुखार का कहर थम नहीं रहा है। मौसम में बदलाव के कारण लोग संक्रामक रोगों के चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को संदिग्ध डेंगू के चार और बुखार के 32 मरीजों की हालत बिगड़ गई। मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। इमरजेंसी में सुबह से ही रोगियों की भीड़ देखने को मिली।
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सोमवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे भूएमऊ निवासी श्याम लाल (64), भगौतीपुर निवासी राम सागर (50), मानपुर निवासी ब्रजभान (26) और गोल चौराहा मलिकमऊ निवासी आकाश (24) को भर्ती किया गया। इन मरीजों में डेंगू के लक्षण मिलने के बाद सैंपलों को एलाइजा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

इसके अलावा बुखार की चपेट में आने के बाद रेखा (22), आरती (34), रामखेलावन (38), संजीव कुमार (22), अंतिमा (11), सुलेखा (12) समेत 32 मरीजों को भर्ती किया गया। इमरजेंसी में सुबह से ही गंभीर मरीजों की लाइन देखने को मिली। इस दौरान मरीजों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। डेंगू वार्ड भी फुल हो गया।
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ओपीडी में उमड़े 2200 मरीज
दिवाली की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल में खुली ओपीडी में मरीज उमड़ पड़े। सुबह से ही परचा काउंटर पर लंबी लाइनें लग गईं। दोपहर दो बजे तक रिकॉर्ड 2200 से अधिक मरीज चिकित्सीय सलाह लेने के लिए ओपीडी कक्षों में पहुंचे। इसमें जुकाम, बुखार, उल्टी दस्त के एक हजार से अधिक मरीज आए। दवा काउंटर पर मेनगेट के बाहर तक लाइन लगी रही।
दवा लेने के लिए काउंटर से लेकर सीएसएस चैंबर के गेट तक महिलाओं की भी लाइन लगी। इस दौरान ओपीडी के साथ ही मरीजों को दवा लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। ब्लड की जांच कराने के लिए मारामारी रही। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


डेंगू का खतरा टला नहीं, एहतियात बरतें
जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि मौसम के बदलाव के कारण डेंगू का खतरा टला नहीं है। ऐसे में लोग एहतियात बरतें। डेंगू के लक्षण प्रतीत होते ही मरीज की जांच जरूर कराएं, जिससे समय से मरीजों का इलाज हो सके।

डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जीमिचलाना, उल्टी होना, आंखों के पीछे दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि हैं। लक्षण प्रतीत होते ही नजदीक के अस्पताल में पहुंचकर इलाज कराएं।

मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ा है। गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में आते ही भर्ती कर इलाज करने के आदेश दिए गए हैं। कई दिनों की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी खुली, इस कारण ज्यादा मरीज आए।
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- डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
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