रायबरेली। याचिका समिति के समक्ष हुई शिकायत के बाद हुई ऊंचाहार में सोमवार को तहसीलदार की अगुवाई में हुई पैमाइश के दौरान सीएचसी के आसपास और नगर पंचायत की सरकारी स्वामित्व वाली जमीन पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया।
इतना ही भू माफियाओं ने सरकारी जमीन पर प्लाटिंग कर उसे भी अवैध तरह से बेच दिया। तैयार रिपोर्ट अब शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद शासन के निर्देश पर चिह्नित जमीन पर हुए निर्माण कार्यों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय होगी।
लखनऊ प्रयागराज राजमार्ग से जुड़ी भूमि संख्या 3965 और 5035 पर कब्जा कर वहां कई भवनों का निर्माण कार्य करा दिया गया है। वर्ष 2019 में क्षेत्रीय विधायक डॉ. मनोज पांडे ने इसकी शिकायत विधानसभा की याचिका समिति के समक्ष की थी।
जिसके बाद खमरिया गांव में पड़ताल की गई थी तो लोगों को आवास गलत मिले थे। जिस पर रिकवरी का निर्देश जारी किया गया था। पहले मामले जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के पास था, लेकिन अब यह मामला राजस्व विभाग के पास पहुंच गया है। इस मामले में पांच साल से जांच चल रही है।
सोमवार को राजस्व विभाग की दोनों जमीनों का स्थलीय निरीक्षण किया। तहसीलदार आकांक्षा दीक्षित के नेतृत्व में भूमि की पैमाइश शुरू हुई तो पता लगा कि लखनऊ प्रयागराज राजमार्ग से जुड़ी भूमि संख्या 3965 और 5035 पर गलत ढंग से कब्जा कर भवन खड़े किए गए हैं।
भूमि संख्या 3965 नगर पंचायत की सीमा में है, जबकि भूमि संख्या 5035 ऊंचाहार देहात की सीमा में है। राजस्व टीम ने पूरी जमीन की पैमाइश करके अपनी रिपोर्ट तैयार की है । अब यह रिपोर्ट शासन में भेजी जाएगी। एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद सारी जमीनों को मुक्त कराया जाएगा और भवनों को भी ध्वस्त किया जाएगा ।