पूर्व आईपीएस असीम अरुण लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री और पार्टी के नेता अनुराग ठाकुर मौजूद रहे। असीम अरुण ने 8 जनवरी को अचानक वीआरएस के लिए आवेदन कर राजनीति में जाने का फैसला किया था। प्रदेश सरकार ने उनका वीआरएस 15 जनवरी से स्वीकार कर लिया।
इस मौके पर अनुराग ठाकुर ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाने के बाद कहा कि जो सपा में जाते हैं वो दंगा करवाते हैं भाजपा में आने वाले दंगाईयों को पकड़ते हैं।
असीम अरुण ने ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करते समय कहा था कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कहने पर भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
कयास लगाए जा रहे हैं भाजपा कन्नौज सदर से उन्हें चुनाव में उतार सकती है। यह सीट सपा का मजबूत गढ़ रही है। कन्नौज सदर सीट पर पिछले 20 वर्षों से सपा का एक छत्र राज है। तीन बार से अनिल दोहरे साइकिल के निशान पर चुनाव जीतते आ रहे हैं। 2017 में मोदी मैजिक के दौरान भाजपा ने इस सीट को लेकर जबरदस्त घेराबंदी की थी, लेकिन सपा का किला ढहा नहीं पाई थी।
बताया जाता है कि असीम अरुण ने करीब डेढ़ महीने पहले राजनीति में आने और चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। यह बात उन्होंने भाजपा और प्रदेश सरकार की सबसे मजबूत कड़ी के सामने रखी थी। उनके वीआरएस देने और भाजपा में शामिल होने के एलान के पीछे संघ की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। असीम अरुण गोरखपुर में डीआईजी के रूप में अपनी पोस्टिंग के दौरान गोरक्षपीठ के संपर्क में आए थे। तब से उनका पीठ से लगाव बढ़ता गया। इसका परिणाम सबके सामने है।