प्रमुख सचिव के बृहस्पतिवार को एलडीए के मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह को हटाने के बाद सचिव पवन कुमार गंगवार ने उन्हें कार्यमुक्त कर दिया। हालांकि, मुख्य अभियंता शुक्रवार को एलडीए पहुंचे और दो घंटे तक बैठे। इससे अधिकारी व कर्मचारी आश्चर्य में पड़ गए। दो घंटे तक कार्यालय में बैठने के बाद वह चले गए और प्रमुख सचिव से मुलाकात कर हटाए जाने को लेकर पक्ष पेश किया और फिर आवास बंधु में जिम्मेदारी संभाल ली। इंदुशेखर सिंह का 30 जून तक का कार्यकाल बचा है।
जब से बने थे अध्यक्ष नहीं की बैठक
इंदुशेखर सिंह ने यह भी कहा कि रंजन कुमार जबसे एलडीए अध्यक्ष बने, अवस्थापना के कामों के सिलसिले में एक भी बैठक नहीं की, जबकि साल में कम से कम दो बैठक करना अनिवार्य है। उनकी उदासीनता से अवस्थापना निधि से कराए जाने वाले 218 करोड़ रुपये के जनहित के काम अटके पड़े हैं।
आवास मंडलायुक्त के नाम पदेन आवंटित, मेरे नहीं
मामले को लेकर मंडलायुक्त रंजन कुमार का कहना है कि अवस्थापना निधि से जिस आवास पर काम कराने का प्रस्ताव बना, वह मंडलायुक्त के नाम पदेन आवंटित है। जो मंडलायुक्त बनेगा, इसी आवास में रहेगा। अभी तक मंडलायुक्त का कोई आवास लखनऊ में तय नहीं था। अब इसके लिए आवंटन हुआ है। यहां बैठक करने के लिए मीटिंग रूम और कैंप कार्यालय भी बनाया जाना है। इसके लिए अवस्थापना निधि से काम कराने पर चर्चा हुई थी। इसके लिए अभी अनुमोदन नहीं हुआ है।
संपत्ति विभाग ने भी अपनी इस संपत्ति में काम कराने के लिए प्रस्ताव बनाया है। कहा, मुख्य अभियंता ने अवस्थापना निधि से काम कराने पर आपत्ति की। किसी ने इसका विरोध भी नहीं किया है। अवस्थापना निधि से काम कराने का एक तरीका है। इसके लिए प्रस्ताव एलडीए बनाता है, जिसे जरूरी चर्चा के लिए समिति के सामने रखा जाता है। इन कामों के लिए जल्द बैठक होनी है। समिति अनुमोदन देगी, तभी बाकी कामों के साथ मंडलायुक्त आवास पर काम कराए जाएंगे।