मतदाता बनने के लिए अब ऑनलाइन फॉर्म भी भरा जा सकता है। एक अक्टूबर से निर्वाचक नामावलियों का संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू हो रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में राजनीतिक दलों का सहयोग मांगा है।
सिन्हा ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों व राज्य स्तरीय दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में दलों से बूथ लेवल एजेंट नियुक्त कर बीएलओ के साथ मतदाता सूचियां बनवाने में सहयोग करने की अपील की है।
वहीं, राजनीतिक दलों ने मतदान केंद्र दो किलोमीटर की जगह एक किलोमीटर की दूरी पर बनाने की मांग की है।
बैठक में कांग्रेस से हरीश वाजपेयी, भाजपा से गोपाल कृष्ण पाठक, बसपा से राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य, सपा से राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अशोक वाजपेयी, भाकपा (मार्क्स.) से प्रेमनाथ राय व छोटेलाल तथा नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के श्रवण कुमार अवस्थी व किरन वाजपेयी ने हिस्सा लिया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया कि मतदाता बनने के लिए www.ceouttarpradesh.nic.in पर ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है।
बूथ लेवल अधिकारी ऑनलाइन भरे गए फॉर्म का प्रिंट निकालकर उसकी जांच करेंगे और मतदाता के घर पर जाकर उसके हस्ताक्षर भी कराएंगे।
एक से 30 अक्तूबर के बीच सभी केंद्रों पर मतदाता सूची देखने के लिए उपलब्ध रहेगी। मतदाता वेबसाइट पर भी अपना नाम देख सकेंगे।
मुख्य अधिकारी कार्यालय पर टोल फ्री नं. 1800-180-1950 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ऐसे मतदाता जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं, वे इस अभियान में एक स्थान से अपना नाम कटवा सकेंगे।
सिन्हा ने बताया कि एक अक्तूबर से निर्वाचक नामावलियों का संक्षिप्त पुनरीक्षण शुरू हो रहा है। सभी मंडलायुक्तों को मतदाता सूची प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। लोकसभा चुनाव से पहले यह अंतिम पुनरीक्षण होगा।
इस दौरान 6, 20 और 27 अक्तूबर को पड़ने वाले रविवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सिन्हा ने बताया कि एक अक्तूबर 2013 से 6 जनवरी 2014 के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों का तबादला आयोग की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।