बीएसएनएल प्रशासन मोबाइल व ब्राडबैंड सेवाओं में कमजोर नेटवर्क सिग्नल की
सिरदर्दी दूर भगाने को अब शहर में चाइनीज बीटीएस लगवाएगा।
शहर में 106 नए
स्थानों पर चाइनीज बीटीएस लगेंगे। इसमें से 19 प्रमुख इलाकों में जेड-टी
तकनीक पर आधारित नए बीटीएस लगवाने की शुरुआत भी हो गई है। बाकी 97 नए
बीटीएस भी अगले साल मार्च तक लग जाएंगे।
यह जानकारी मंगलवार को सर्किल के
प्रधान महाप्रबंधक सुनील परिहार ने दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल व
ब्राडबैंड नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए अगले चरण में पुरानी
तकनीक पर संचालित बीटीएस टावरों को भी हटा दिया जाएगा।
पीजीएम ने दावा किया कि प्रशासन अगले साल मार्च तक शहर की मोबाइल व
इंटरनेट नेटवर्क पूरी तरह थ्री जी हो जाएगा।
उन्होंने
बताया कि इस साल कुंभ मेले में जेडटी तकनीक पर आधारित चाइनीज बीटीएस
टॉवरों के माध्यम से संचालित मोबाइल व इंटरनेट सेवाओं के बेहतर परिणाम
सामने आए थे।
इसके बाद ही केंद्रीय मंत्रालय ने नेटवर्क सेवा को बेहतर
बनाने के लिए जेडटी तकनीक पर आधारित चाइना मेड बीटीएस को शहर में लगवाने की
मंजूरी देते हुए इनकी सप्लाई की है।
वाईमैक्स युक्त हुए शहर से सटे इलाके पीजीएम
ने बताया कि इसके साथ ही महानगर की प्रस्तावित विस्तार योजना के तहत शहरी
सीमा में आने वाले इलाकों अर्जुनगंज, मोहनलालगंज, बंथरा, हरौनी, चिनहट जैसे कई इलाकों में
ब्राडबैंड व इंटरनेट सेवा की स्पीड बढ़ाने के लिए रेडियों ट्रांसमिशन
आधारित वाईमैक्स नेटवर्क बनाया जा रहा है।
इससे केबिल कटने अथवा फाल्ट होने
की समस्या से इंटरनेट सेवा बाधित होने जैसी समस्याओं से उपभोक्ताओं को
पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा।
फाइबर टू होम सेवा का होगा विस्तार ब्राडबैंड जैसी दूसरी सेवाओं में और बेहतरी आ सके इसलिए फाइबर टू होम
(एफटीटीएच) तकनीक से दो दर्जन अन्य बहुमंजिला इमारतों, शिक्षण संस्थाओं व
सरकारी व बड़े निजी कार्यालयों को आच्छादित कराने का कार्य भी इस साल के
अंत तक पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है।