बौद्ध शोध संस्थान में आयोजित कार्यक्रम धुन बंजारा में बुधवार को प्रस्तुति देते कलाकार।
लखनऊ। लोकगीतों की कार्यशाला में प्रशिक्षण लेने वाले कलाकारों ने बुधवार को बौद्ध शोध संस्थान में आयोजित कार्यक्रम धुन बंजारा में गीतों व नृत्य प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। सुर संगम और जयब्रिज जीआरके फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में संगीतकार केवल कुमार, पद्मा गिडवानी और अमिताभ श्रीवास्तव के निर्देशन में अवधी, ब्रज, बुंदेलखंडी, पंजाबी, पर्वतीय और भोजपुरी लोकगीतों की प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। कथक कलाकार सुमित ने इस पर भावपूर्ण नृत्य पेश किया। आयोजक मंजू श्रीवास्तव और कुमार केशव ने बताया कि बल्ले बल्ले नि बोलियां दा रंग देख ले... शीर्षक से आयोजित कार्यक्रम में सभी आयुवर्ग के प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया।
ब्रज की मिट्टी में घुला लोकगीत थाड़ो थाड़ो जी घनश्याम... पर प्रस्तुति देकर कलाकारों ने सभी का दिल जीत लिया। मनीष त्रिपाठी और रिया सिंह के अलावा अन्य कलाकारों ने बुंदेली लोकगीत जिंकड़ी मोरे मदन मुरारी घनश्याम... पर आकर्षक प्रस्तुति दी। इस दौरान मंच पर फूलों से श्रीकृष्ण-राधा का स्वागत किया गया। देर शाम तक प्रस्तुतियों ने समा बांधा। विष्णु शंकर श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, अनीता मौर्य, अंजू श्री, अमित श्रीवास्तव, देवेंद्र मोदी, मधुलिका श्री, देविना आदि मौजूद रहे।
बौद्ध शोध संस्थान में आयोजित कार्यक्रम धुन बंजारा में बुधवार को प्रस्तुति देते कलाकार।
बौद्ध शोध संस्थान में आयोजित कार्यक्रम धुन बंजारा में बुधवार को प्रस्तुति देते कलाकार।