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'घिनौनी राजनीति का दूंगी जवाब', टीपू पर भड़कीं माया

Thu, 06 Nov 2014 01:25 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदेश की सपा सरकार द्वारा बनवाए गए माल एवेन्यू फ्लाईओवर को लेकर बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की नाराजगी उभर आई। मायावती ने इस पुल को घिनौनी राजनीति का प्रतीक बताया।
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दरअसल, बसपा प्रदेश मुख्यालय के ठीक सामने यह फ्लाईओवर बनाया गया है। इससे मायावती का बंगला भी मुख्य मार्ग से लोगों की नजर से ओट में हो गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को ही इसका लोकार्पण किया था। बुधवार को मायावती जब पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के ऐलान के लिए आईं तो उनसे इस पुल को लेकर भी सवाल हुए। मायावती ने सख्त प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि यह फ्लाईओवर ओछी, तुच्छ, घटिया व घिनौनी राजनीति का प्रतीक है। क्या वह सत्ता में आने पर विक्रमादित्य मार्ग पर फ्लाईओवर बनवाएंगी? इस सवाल पर मायावती ने कहा कि वक्त आने पर जवाब दिया जाएगा।
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दरअसल, इसी मार्ग पर सपा का प्रदेश मुख्यालय व सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का बंगला है। बसपा नेता कहते रहे हैं कि यदि जनहित में कहीं पुल की जरूरत है तो विक्रमादित्य मार्ग पर।

मायावती ने फिर राष्ट्रपति शासन की मांग उठाई

मायावती ने मऊ में व्यापारी की हत्या का उल्लेख करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बद से बदतर होने का आरोप लगाया। कहा कि ऐसा कोई दिन नहीं बीत रहा कि जिस दिन हर जिले में कोई बड़ी वारदात न हो।

सरकार जनता का ध्यान हटाने के लिए आए दिन फर्जी व कागजी घोषणाएं कर रही है। राज्यपाल को प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सही रिपोर्ट भेजकर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करनी चाहिए।

मेरी सरकार ने ही कर दी थी मेट्रो की पूरी तैयारी
मायावती ने राजधानी में मेट्रो को आगे बढ़ाने में देरी का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो की रूपरेखा व धन का इंतजाम तो उनकी सरकार ने ही कर दिया था। इस सरकार ने इसका काम भी देर से शुरू कराया।
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एक साल बाद मोदी सरकार के शुरू होंगे बुरे दिन

मायावती ने कहा कि हरियाणा व महाराष्ट्र के चुनाव में भाजपा की जीत को मोदी सरकार की सफलता के रूप में नहीं देखना चाहिए।

जनता ने इस सरकार को छह महीने पूरे न होने की वजह से और जांचने-परखने के लिए मौका दिया। हो सकता है कि एक साल के भीतर जहां चुनाव हों, वहां भी भाजपा अपने कुतर्क से लोगों को प्रभावित करने में सफल हो जाए।

लेकिन एक साल के बाद इसकी उल्टी गंगा बहनी शुरू हो जाएगी। कालेधन और महंगाई कम करने के दावे की कलई खुलनी शुरू ही हो गई है।
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