- साफ बिस्तर, तकिया, चादर, चारपाई और पंखे की व्यवस्था।
- साफ पानी के लिए वाटर एटीएम, कैन, क्लोरीनेटेड वाटर टैंकर।
- 24 घंटे बिजली, जनरेटर, सोलर लालटेन का भी प्रबंध।
- अलग से होगा मनोरंजन कक्ष, टीवी, रेडियो व अखबार की व्यवस्था।
- दो बार ताजा खाना मिलेगा, केला, दूध, बिस्किट और सत्तू भी मिलेगा।
- महिलाओं की विशेष सुरक्षा के लिए महिला होमगार्ड या पीआरडी की ड्यूटी।
- महिला कर्मी महिला शरणार्थियों को देंगी सेनेटरी नैपकिन।
- महिलाओं व पुरुषों के लिए होंगे अलग-अलग शौचालय व स्नानघर ।
- मेडिकल कैंप में बच्चों, गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की व्यवस्था।
- आवश्यक दवाओं के साथ, 108 व 102 एंबुलेंस भी रहेगी तैयार।
- नियिमत रूप से कीटनाशक व चूने का होगा छिड़काव।
- सर्पदंश जैसी घटनाओं को रोकने के होंगे आवश्यक प्रबंध ।
- प्रत्येक व्यक्ति का नाम, पता, फोन नंबर व निवास का ब्यौरा होगा दर्ज।
- एसडीएम होंगे कैंप प्रभारी, नोडल अधिकारी होंगे नायब तहसीलदार।
- प्रत्येक कैंप के लिए खाद्य व्यवस्था, मेडिकल, सुरक्षा, पेयजल, सैनिटेशन, पशु व्यवस्था, प्रकाश के लिए अलग-अलग होंगे नोडल अधिकारी।
- प्रत्येक अधिकारी का नाम व मोबाइल नंबर कैंप के बाहर फ्लेक्सी बोर्ड/वाल राइटिंग कर दर्ज किया जाएगा।
- राहत कैंपों में पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम (माइक आदि) की रहेगी व्यवस्था।
- ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को शरणार्थियों से मधुर व्यवहार अपनाने के निर्देश।
- एक नोडल अधिकारी राहत कैंप की नियमित करेगा मीडिया ब्रीफिंग।
- बाढ़ आपदा से निपटने के लिए मोटर बोट व नाव की होगी व्यवस्था।
पशु कैंप की अलग से होगी व्यवस्था
बाढ़ से प्रभावित पशुओं के लिए अलग से पशु कैंप की व्यवस्था होगी। यहां पशुओं के लिए चारा, साफ पानी, टीकाकरण का प्रबंध रहेगा। इन कैंपों की प्रतिदिन साफ-सफाई होगी और डॉक्टर की पालीवार ड्यूटी लगाई जाएगी।