झांसी की महिला आरक्षी पूजा सचान ने पुलिस विभाग में चीता सहित अन्य बाइक सेवाओं की तरह महिला पुलिसकर्मियों के लिए स्कूटी से गश्त शुरू कराने की मांग की। वहीं, सीतापुर से आए कांस्टेबल रवि वर्मा ने सभी जिलों में इनामी बदमाशों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाने का सुझाव दिया। मुजफ्फरनगर के कुलवंत मालिक ने डीजीपी से सभी को प्रशस्ति पत्र देने की मांग की।
हाथरस के शैलेश कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए आगे भी ऐसे ही आयोजन करने की बात कही। एटा के अतुल वर्मा ने बेहतर परिवहन सुविधा देने की मांग की। वहीं, कौशांबी के रितु पाल सिंह ने तबादले में पुलिसकर्मियों की इच्छा को भी महत्व देने की बात रखी। डीजीपी ने इन सुझावों के लिए सरकार से बातचीत के बाद लागू करने का आश्वासन दिया।
भले ही पुलिस अनुशासन का विभाग कहा जाता है, लेकिन जब सूबे का मुखिया साथ में एक ही दस्तरखान पर हो तो सहकर्मियों में कुछ उत्साह आ ही जाता है। ढाबे पर खाने के दौरान ऐसे कई मौके आए जब पुलिसकर्मियों ने अपने मुखिया के साथ सेल्फी न ली हो। डीजीपी ने भी कुछ पुलिसकर्मियों का मोबाइल खुद लेकर सेल्फी खींची फिर उन्हें वापस कर दिया। ढाबे पर सभी के लिए थाली में अरहर की दाल, बेसन व गेहूं की रोटी, पनीर और आलू मटर की सब्जी थी।
खाने के बाद ढाबे की मशहूर मेवा खीर परोसी गई। इसी खीर की मिठास के साथ ही दो घंटे बाद सभी ने यहां से विदाई ली। इस दौरान डीजी टेलीकॉम पीके तिवारी, एडीजी 100 डायल आदित्य मिश्र, एडीजी 1090 संजय सिंघल, आईजी रेंज सुजीत कुमार पांडेय, एसएसपी कलानिधि नैथानी, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण गौरव ग्रोवर, सीओ बीकेटी रामकुमार शुक्ला, सीओ अलीगंज दीपक कुमार सिंह समेत दर्जनों पुलिसकर्मी व अधिकारी मौजूद थे।