प्रमुख सचिव जितेंद्र ने बताया कि दीपोत्सव में आम जनता की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। वहां के ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत अध्यक्षों, पार्षदों और विधायकों के साथ बैठक की जाएगी।
अयोध्या के संत समाज के साथ अलग से बैठक कर कार्यक्रम में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक और सामाजिक संगठनों को भी आयोजन में शामिल किया जाएगा। सभी लोगों को स्वेच्छा से पांच दिन तक घरों में दीपक जलाने, घर के बाहर सजावट और रोशनी करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
असम से आएंगे मुखौटे
दीपोत्सव के दिन रामायण की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों के लिए मुखौटे असम के माझुली से बनवाए गए हैं। ये मुखौटे दो-चार दिन में अयोध्या पहुंच जाएंगे।
प्रमुख सचिव ने बताया कि अयोध्या में 16 से 25 अक्तूबर तक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान गली-मोहल्लों से लेकर प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों, धर्मशालाओं और आश्रमों के साथ मुख्य मार्गों की सफाई की जाएगी। अयोध्या को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में भी प्रयास होगा।