लखनऊ। रेलवे ठेकेदार व बिहार के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र उर्फ गोरख ठाकुर की हत्या की पड़ताल जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है तो कई करीबी किरदारों की भूमिका भी सामने आती जा रही है। करीब दस दिन से चल रही इस हत्याकांड क ी पड़ताल में पुलिस को इस बात की जानकारी मिली है कि वीरेंद्र की हत्या की सुपारी उसकी पहली पत्नी प्रियंका ने दी थी। हत्या की साजिश रचने में मुख्य आरोपी फिरदौस, वीरेंद्र की पहली पत्नी प्रियंका और उसका प्रेमी बिट्टू शामिल है। पुलिस तीनों की कड़ी मिलाने में जुटी है।
कैंट के निलमथा इलाके में रेलवे ठेकेदार वीरेंद्र ठाकुर की 25 जून शनिवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वीरेंद्र की दूसरी पत्नी खुशबुन तारा ने कैंट थाने में पहली पत्नी प्रियंका, उसके प्रेमी बिट्टू और फिरदौस के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया था। बिहार में ताबड़तोड़ दबिश और 100 से अधिक मोबाइल नंबरों के सर्विलांस से यह साफ हो गया था कि वीरेंद्र की हत्या फिरदौस ने ही अपने शूटरों के साथ की थी। पुलिस की पड़ताल में यह भी साफ हो गया है कि प्रियंका और बिट्टू ने फिरदौस के साथ हत्या की साजिश रची थी। फिरदौस ने प्रियंका के एक ही बार कहने पर वीरेंद्र की हत्या की सुपारी ले ली थी। सुपारी कितने की थी। इस बारे में फिरदौस या प्रियंका के गिरफ्तार होने पर ही पता चलेगा। पुलिस अब दो बिंदुओं पर ही पड़ताल कर रही है। पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र ठाकुर की हत्या या तो पारिवारिक विवाद या फिर रेलवे ठेकेदारी को लेकर कराई गई है।
तीनों को ठाकुर ने दिया था धोखा
पुलिस की पड़ताल में कई सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इस बात की जानकारी हुई है कि वीरेंद्र की पहली पत्नी प्रियंका का प्रेम संबंध बिट्टू से था। बिट्टू की नरकटियागंज में ननिहाल है। वहीं पर वह बचपन से रहा है। चौराहे पर उसने एक पान की दुकान खोल रखी थी जहां वीरेंद्र ठाकुर जाता था। इसी बीच बिट्टू और प्रियंका ने बिहार से भागकर शादी करने का इरादा किया तो दोनों को वीरेंद्र ठाकुर याद आया। 2008 में बिट्टू, प्रियंका को लेकर लखनऊ पहुंचा। वहां कुछ दिन रहने के बाद प्रियंका को वीरेंद्र के घर छोड़कर बिहार गया। वापस आया तो प्रियंका और वीरेंद्र शादी कर चुके थे। उसे वीरेंद्र ने धमकाकर वापस भगा दिया। यह बात बिट्टू के दिल में घर क र गई। वह मौके की तलाश में था। इसी बीच बिहार में हत्या कर फरारी काट रहा फिरदौस भी लखनऊ पहुंचा। वह अपनी रिश्तेदारी की बहन खुशबुन तारा के घर में रहने लगा। वह वीरेंद्र के साथ पहले से जुड़ा था। फिरदौस और वीरेंद्र एक-दूसरे से मिलने के लिए खुशबुन तारा के घर आने जाने लगे। इसी बीच फिरदौस को रेलवे के ठेकेदारी पर अपना कब्जा करने का प्रयास शुरू हुआ। वहीं उसे पता चला कि वीरेंद्र ने उसके रिश्ते की बहन को अपने जाल में फंसा लिया तो उसने हत्या की साजिश रच डाली।
इलाज के लिए दिल्ली गया तो प्रियंका भाग गई बिहार
जुलाई 2019 में वीरेंद्र पर चारबाग रेलवे स्टेशन पर हमला हुआ। उसे तीन गोलियां लगीं जिसके कारण वह दिव्यांग हो गया। वह इलाज के लिए दिल्ली जाता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दो बार वह दिल्ली जाते समय प्रियंका को लेकर गया। वहीं तीसरी बार जब काफी लंबे समय तक इलाज कराना था तो वीरेंद्र, खुशबुन तारा को अपने साथ दिल्ली लेकर गया। वीरेंद्र व खुशबुन के बीच की प्रेम कहानी प्रियंका को पता चल गई थी। उसने मौका देखा और बिहार भागकर पुराने प्रेमी बिट्टू के पास पहुंची। वहीं फिरदौस भी मिल गया। इसके बाद वीरेंद्र की हत्या की साजिश रची जाने लगी। उसके घर के एक-एक व्यक्ति व वीरेंद्र के मूवमेंट की जानकारी हासिल की गई। फिर 25 जून को हत्या कर दी गई।
मंजर ने बुक कराया था गेस्ट हाउस में कमरा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात के बाद फिरदौस शूटरों को लेकर बिहार के लिए निकला। लेकिन पुलिस की सक्रियता देखकर रात लखनऊ में ही ठहर गए। इसकेलिए फिरदौस ने मंजर से बातचीत की। मंजर ने अपने एक परिचित जो गोरखपुर का रहने वाला है। उसके जरिए 1090 चौराहे के पास एक गेस्ट हाउस में कमरा बुक कराया। पूरी रात वहां ठहरने केबाद अलग-अलग होकर सभी शूटर बिहार निकल गए। मंजर को पुलिस ने शनिवार को बिहार से उठा लिया था। उससे लंबी पूछताछ में कई राज सामने आए। पुलिस मंजर के बताए एक-एक बिंदु पर जांच कर रही है। कई मामले सही पाए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में अन्य तीन लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे भी पूछताछ की जा रही है।