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प्रतिदिन अनारक्षित टिकट पर सफर करने को मजबूर यात्री

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02 : गौरीगंज : शहर स्थित रेलवे स्टेशन के बुकिंग काउंटर पर टिकट लेने के लिए लाइन में लगे यात्री। -संवा? - फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। कोविड संक्रमण काल से शुरू हुई दैनिक यात्रियों की परेशानी खत्म नहीं हो रही है। संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के बाद विभाग ने ट्रेन परिचालन के साथ कई सुविधाओं को भी बंद कर दिया। संक्रमण की रफ्तार समाप्त होने के बाद ट्रेन संचालन समेत अन्य सुविधाएं तो बहाल की गईं लेकिन एमएसटी सुविधा आज तक शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में प्रतिदिन दैनिक यात्रियों को काउंटर पर लाइन लगाकर टिकट लेना पड़ रहा है तो समय के साथ यात्रा में अधिक पैसा भी खर्च करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेल ट्रैक पर संचालित प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी, लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी तथा वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी के साथ काशी विश्वनाथ, पद्मावत एक्सप्रेस समेत कई ट्रेन से बड़ी संख्या में दैनिक यात्री यात्रा करते हैं। विभिन्न विभागों में नौकरी करने वालों को यात्रा में सुविधा देने के लिए रेल विभाग की ओर से मासिक रेल टिकट (एमएसटी) जारी किया जाता था।
एक बार निर्धारित शुल्क जमा कर दैनिक यात्री पास बनवाने के बाद पूर माह यात्रा करते थे। 22 मार्च 2020 को कोविड संक्रमण बढ़ने के बाद विभाग ने ट्रैक की सभी ट्रेनों को निरस्त करते हुए सभी सुविधाओं को अग्रिम निर्देशों तक बंद कर दिया। संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद ट्रेन संचालन धीरे-धीरे बहाल करते हुए आरक्षित टिकट पर यात्रा की सुविधा दी।
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यात्रियों की मांग पर विभाग ने ट्रैक की लगभग सभी ट्रेनों में अनारक्षित टिकट पर यात्रा की सुविधा तो बहाल की लेकिन मासिक रेल टिकट की सुविधा अब तक शुरू नहीं की। ऐसे में दैनिक यात्रियों को प्रतिदिन यात्रा से पहले अप/डाउन में बुकिंग काउंटर पर पंक्तिबद्ध होकर अनारक्षित टिकट लेना पड़ रहा है तो समय से साथ ही अधिक पैसा भी यात्रा में खर्च करना पड़ रहा है। दैनिक यात्रियों की नियमित मांग के बावजूद रेलवे विभाग एमएसटी सुविधा बहाल करने के बजाए मौन बना हुआ है।
गौरीगंज से बनती थीं 300-350 एमएसटी
कोविड संक्रमण काल के पहले अकेले गौरीगंज से लखनऊ जाने के लिए 200-250 तो प्रतापगढ़ जाने के लिए 50-100 दैनिक यात्री एमएसटी बनवाते थे। इतना ही नहीं रायबरेली, लखनऊ, बछरावां से भी गौरीगंज ड्यूटी करने वाले करीब 200 दैनिक यात्री अलग-अलग स्टेशन से एमएसटी पर यात्रा करते थे। अमेठी व जायस स्टेशन से निर्गत होने वाली एमएसटी को जोड़ दिया जाए तो अकेले अमेठी जिले में ही करीब 500 एमएसटी बनती थी जिससे विभाग को नियमित आय होती थी। एमएसटी सुविधा बंद होने से यात्रियों को ही नहीं परेशानी हो रही बल्कि विभाग की आय में भी कमी आई है।
अकसर छूट जाती है ट्रेन
चकबंदी विभाग में कार्यरत पूरे तेजी का पुरवा गौरीगंज निवासी रामराज यादव प्रतापगढ़ में कार्यरत हैं। रामराज ने बताया कि वह लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी से यात्रा करते हैं। एमएसटी नहीं बनने से प्रतिदिन उन्हें बुकिंग काउंटर पर लाइन लगाकर टिकट लेना पड़ रहा है। ऐसे में दोनों टाइम लाइन में टिकट लेने पर कई बार तो उनकी ट्रेन छूट जाती है तो अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।
एक काउंटर से होती परेशानी
गौरीगंज के पूरबगांव निवासी जेबी शुक्ल पावर कारपोरेशन प्रतापगढ़ में कार्यरत हैं। जेबी शुक्ल ने बताया कि गौरीगंज स्टेशन पर आरक्षित व अनारक्षित टिकटों की बुकिंग एक ही काउंटर से होती है। ऐसे में दैनिक यात्रियों को ट्रेन आने के समय टिकट प्राप्त करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। विभाग से एमएसटी सुविधा शुरू करने के लिए कई बार अनुरोध किया गया है।
एमएसटी से होती सुविधा
गौरीगंज के धनी जलालपुर गांव निवासी एसपी मिश्र जिला सत्र न्यायालय प्रतापगढ़ में कार्यरत हैं। वह प्रति दिन ट्रेन से नौकरी करने जाते हैं। एमपी मिश्र ने बताया कि एमएसटी सुविधा होने से माह में एक बार निर्धारित शुल्क जमा कर पास बन जाता था। पास होने पर माह भर में आसानी से अप/डाउन करने में सुविधा होती थी। एमएसटी सुविधा बंद होने से प्रतिदिन कांउटर से टिकट लेकर यात्रा करने में बहुत परेशानी हो रही है।
मिलनी चाहिए सुविधा
कस्बा निवासी नेहरू युवा केंद्र पर कार्यरत शिवम यादव ने बताया कि रेल विभाग यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में काम करने की मांग की है। शिवम ने कहा कि एमएसटी सुविधा दैनिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में विभाग एमएसटी नहीं बनाकर दैनिक यात्रियों को परेशान कर रहा है। विभाग को यात्रियों के हित में तत्काल एमएसटी सुविधा बहाल करना चाहिए।
उच्चाधिकारियों को कराया गया अवगत
स्टेशन मास्टर प्रवीण सिंह ने बताया कि कोविड संक्रमण से एमएसटी पर विभाग की ओर से रोक लगाई गई है। ऐेसे में काउंटर से एमएसटी नहीं बन रही है। दैनिक यात्रियों की मांग व हो रही परेशानी से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। एमएसटी सुविधा बहाल करने व निर्माण शुरू करने के संबंध में निर्णय अफसरों के स्तर से लिया जाना है।
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