यदि पेड़ लगाने के लिए स्थान उपलब्ध नहीं होगा तो उसे वन विभाग में पेड़ लगाने व देखभाल के लिए तय प्रतिपूर्ति रोपण राशि जमा करनी होगी। इस राशि से वन विभाग प्रतिपूर्ति पौधरोपण कराएगा। इससे वृक्षावरण बढ़ने के साथ संबंधित प्रजातियों के संरक्षण में मदद मिलेगी। वन निगम वृक्ष स्वामी की भूमि पर लगे वृक्षों के प्रमाणीकरण की सुविधा देगा।
अब लिखित अनुमति लेकर काटे जा सकेंगे ये पेड़
आम (देशी, तुकमी व कलमी), नीम, साल, महुआ, बीजा साल, पीपल, बरगद, गूलर, पाकड़, अर्जुन, पलाश, बेल, चिरौंजी, खिरनी, कैथा, इमली, जामुन, असना, कुसुम, रीठा, भिलावा, तून, सलई, हल्दू, बाकली/करधई, धौ, खैर, शीशम व सागौन।