एलडीए की बसंतकुंज योजना में ठेकेदार टेंडर पाने के लिए जाली दस्तावेज लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास के लिए सेक्टर-एन में बन रहे पॉकेट में करीब तीन करोड़ की लागत की सड़क के टेंडर में यह फर्जीवाड़ा सामने आया है।
जहां एक टेंडर में ठेकेदार फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के लिए मुख्य अभियंता ने फाइल शुक्रवार को वीसी को भेज दी। वहीं, एक और प्रकरण में मुख्य अभियंता ने जांच शुरू करा दी है।
एलडीए ने जांच में पाया कि बसंतकुंज योजना में आंतरिक सड़क, नाली एवं पार्क का निर्माण करने के लिए पार्ट बी के लिए निविदा में मैसर्स भारद्वाज डेवलपर्स ने जाली दस्तावेज लगाए। टेंडर पाने के लिए मिक्सर प्लांट आदि मशीनरी के जो दस्तावेज लगाए गए।
उनकी जब जांच कराई गई तो पेवर फिनिशर निर्माणा फर्म मैसर्स केसर रोड इक्विपमेंट ने इनका सत्यापन नहीं किया। निर्र्माता फर्म ने इनवॉयस के आधार पर जो पेपर भेजे।
उनके मुताबिक, मशीनों की खरीद किसी और व्यक्ति ने की है। उसका नाम फोटोशॉप कर जाली दस्तावेज तैयार कर टेंडर में लगाए गए। इसके अलावा टिपर वाहन के कागज भी जांच में सही नहीं पाए गए हैं।
मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह का कहना है कि फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के लिए वीसी को फाइल भेज दी गई है। फर्म के पंजीकरण को भी निरस्त किया जाने की कार्रवाई हो रही है।
फर्म को ही किराए पर लिया गया
एलडीए के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मैसर्स भारद्वाज डेवलपर्स के असली मालिक की जगह कोई और व्यक्ति टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुआ। किसी अनुराग सिंह का नाम इसमें सामने आया है। सात अक्तूबर को फर्म को नोटिस भी जारी किया गया था। इस पर स्पष्टीकरण देने के लिए कोई भी प्रतिनिधि फर्म की तरफ से नहीं आया। अब एलडीए के अधिकारी इस दिशा में भी जांच कर रहे हैं कि कहीं ठेकेदार फर्मों का उपयोग बिना अनुभव और वित्तीय व तकनीकी क्षमता वाले लोग तो काम पाने के लिए नहीं कर रहे। ऐसे में गुणवत्ता प्रभावित होगी।
दूसरे टेंडर की भी जांच शुरू
मुख्य अभियंता को प्रधानमंत्री आवास, बसंतकुंज योजना के ही दूसरे काम के लिए भी जाली दस्तावेज के उपयोग की शिकायत मिली है। मैसर्स एसवीएस कंस्ट्रक्शंस फर्म की तरफ से शिकायत की गई है कि 3.81 करोड़ के आंतरिक रोड, नाली व पार्क के पार्ट-ए के काम के लिए जाली अनुभव प्रमाण पत्र का उपयोग कई फर्मों ने किया है। मुख्य अभियंता का कहना है कि जांच शुरू करा दी गई है। आरोप है कि छोटी राशि के कामों के अनुभव में छेड़छाड़ कर बड़े काम पूर्व में किए जाना दिखाया गया है। यह गलत है। जांच में जो भी फर्म पकड़ी जाएगी। उसे भी ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
काम में जल्दी का उठा रहे फायदा
एलडीए को दीपावली के आसपास बसंतकुंज योजना में प्रधानमंत्री आवासों पर कब्जा देना शुरू करना है। ऐसे में आंतरिक विकास कार्यों को तेज करने के लिए कवायद चालू है। इसका फायदा ठेकेदार फर्म उठा रही हैं। जाली दस्तावेज लगाकर काम पाने के लिए फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। वहीं, तकनीकी बिड की जांच के लिए बन रहे प्रहरी एप को अभी तक एलडीए तैयार नहीं करा पाया है। पीडब्ल्यूडी की तरह इसका उपयोग एलडीए में भी शुरू किया जाना है।