लखनऊ। पुराने शहर में तालकटोरा करबला के पास शनिवार शाम सरकारी गनर व दोस्तों संग पैदल जा रहे मुतवल्ली व शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य सैयद फैजी पर दो बाइक पर सवार चार हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में फैजी तो बाल-बाल बच गए मगर हाथ में गोली लगने से उनका एक साथी घायल हो गया। उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराने के साथ ही तालकटोरा पुलिस ने चार अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की है।
करबला तालकटोरा के मुतवल्ली सैयद फैजी शनिवार शाम पौने सात बजे अपने कार्यालय से उठकर सरकारी गनर व दो दोस्तों संग पैदल घर जा रहे थे। करबला के पास स्थित अब्दुल मुकीम का प्रिंटिंग प्रेस पर वह लेटर पैड छपवाने के लिए रुके थे। तभी दो बाइक पर सवार चार हमलावर वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ पांच राउंड फायरिंग करके भाग गए। हमले में फैजी तो बाल-बाल बच गए मगर उनके दोस्त सोनू भारती (40) निवासी भदेवां, कोतवाली बाजारखाला के हाथ में गोली लग गई। इससे सोनू लहूलुहान हो गए। उन्हें आनन-फानन ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया।
सैयद फैजी पर जानलेवा हमले की सूचना पर एसीपी बाजारखाला विजयराज सिंह व एसीपी एलआईयू अवधेश कुमार सिंह तुरंत तालकटोरा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फैजी से पूछताछ की तो पता चला कि चारों हमलावर मास्क व हेलमेट पहने थे और उनकी बाइकों पर नंबर भी नहीं थे। पुलिस घटनास्थल के सामने एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने पहुंची तो पता चला कि वो खराब हैं। हालांकि करबला और हमलावरों के भागने की दिशा में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस खंगाल रही है। एसीपी बाजारखाला विजयराज सिंह ने बताया कि फैजी ने किसी को नामजद तो नहीं किया है। ऐसे में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही अन्य बिंदुओं पर पड़ताल कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
हड़बड़ी में गिर पड़े फैजी
लखनऊ। हमला होते ही फैजी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली मगर हड़बड़ी में वह गिर पड़े। इस पर सरकारी गनर नीतीश रस्तोगी ने उन्हें अपनी आड़ में लेकर बचाया। नीतीश ने जवाबी फायरिंग के लिए अपना असलहा ताना ही था कि हमलावर बाइक की रफ्तार बढ़ाकर भाग गए।
वक्फ बोर्ड को लेकर विवाद हो सकती वजह
लखनऊ। फैजी ने हमले को लेकर किसी पर सीधे तौर पर आरोप तो नहीं लगाया मगर इसके पीछे शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड को लेकर विवाद को ही वजह माना है। मुस्लिम धर्म छोड़कर हाल ही में हिंदू बने जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी पिछले दिनों ऐशबाग स्थित करबला मलकाजहां गए थे। इसे लेकर फैजी ने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी को पत्र लिखा था। पत्र में कहा था कि जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी अब शिया नहीं हैं, ऐसे में बोर्ड से उनकी सदस्यता समाप्त की जाए। इस बाबत फैजी ने बाजारखाला इंस्पेक्टर को भी प्रार्थनापत्र दिया था। फैजी पर जानलेवा हमले को लेकर इन बिंदुओं पर भी पुलिस छानबीन कर रही है।
पहले भी हमले में बाल-बाल बचे थे फैजी
लखनऊ। वर्ष 2013 में मोतीझील कॉलोनी में भी फैजी पर जानलेवा हमला हुआ था। मगर उस वक्त भी वह बाल-बाल बच गए थे। इस बार भी वह बाल-बाल बच गए। ऐसे में कुछ लोग घटना को संदिग्ध भी मान रहे हैं। हालांकि शनिवार की घटना में पांच राउंड फायरिंग होने का पता चला है। इनमें से तीन गोलियां प्रिंटिंग प्रेस के शटर पर लगी हैं।