दूसरे नौकर मिथुन ने शोर मचाते हुए बदमाशों का पीछा किया। इस बीच पड़ोसी दीपक और संतोष भी दौड़े। करीब दो सौ मीटर तक पीछा करने पर बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने फायर झोंक दिया। इस पर तीनों ने किसी तरह जान बचाई। उनके रुकने पर बदमाश दूर निकल गए। वहीं, गोलियों की तड़तड़ाहट से बाजार में अफरातफरी का माहौल बन गया।
घायल को ट्रॉमा सेंटर में तोड़ा दम
लोग राम निवास अग्रवाल के कार्यालय पहुंचे तो वहां सुभाष खून से लथपथ पड़ा था। उसे पड़ोस में रहने वाला शोभित दीक्षित ई-रिक्शा से ट्रॉमा सेंटर ले गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
दो चौकी प्रभारी व दो सिपाही निलंबित
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय मौका-मुआयने के बाद लापरवाही बरतने वाले चौकी प्रभारी यहियागंज के अच्युतानंद राय, रकाबगंज चौकी प्रभारी व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। खुलासे को छह टीमें लगाई गई हैं।
समीर के मुताबिक गुरुवार को चौक इलाके का बाजार बंद रहता है। सप्ताह भर का हिसाब इसी दिन होता है। गुरुवार को राम निवास, तीनों भाइयों खेमचंद्र, लालता, श्रीराम और भतीजे रीतेश के साथ थे। राम निवास भाइयों के साथ बाहर गद्दी पर थे। नौकर सुभाष उनके पास था। रीतेश अंदर हिसाब कर रहा था। उसकी मदद को मिथुन था।
बदमाश जब घुसे तो मिथुन नकदी निकाल रहा था। बदमाशों को देखकर उसने तुरंत तिजोरी बंद कर चाबी जेब में डाल ली। इस पर बदमाश दूसरी आलमारी से नकदी से भरे बैग निकालकर भागे। राम निवास के मुताबिक नकदी के बारे में अभी कुछ बता नहीं सकते हैं। हिसाब शुरू ही किया था कि वारदात हो गई।