लखनऊ में हजरतगंज के जॉपलिंग रोड स्थित गुल पैलेस अपार्टमेंट में बुधवार देर रात करीब तीन बजे शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। धुआं भरने से सो रहे 16 फ्लैट के परिवारों के लोगों का दम घुटने लगा। लपटें तीसरी मंजिल तक पहुंच गईं।
किसी तरह बालकनी व अन्य रास्तों से भागकर लोगों ने जान बचाई और रिश्तेदारों के यहां व होटलों में शरण ली। बृहस्पतिवार दोपहर अपार्टमेंट के लोगों ने बिल्डर मोहम्मद रिजवान के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने सुरक्षा में लापरवाही बरतने की प्राथमिकी दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। बिल्डिंग में फायर फाइटिंग सिस्टम का भी कोई इंतजाम नहीं है।
जॉपलिंग रोड स्थित गुल पैलेस अपार्टमेंट करीब 2012 में बनकर तैयार हुआ था। अपार्टमेंट में 16 फ्लैट है। भूतल पर जिम व क्लीनिक भी चलता है। बुधवार रात करीब तीन बजे भूतल स्थित बिजली मीटर के पैनल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई।
देखते ही देखते लपटें तीसरी मंजिल तक पहुंच गईं। सो रहे लोगाें को जब सांस लेने में दिक्कत हुई तो नींद खुली। लोगों की चीखपुकार सुनकर केबिन में सो रहे सुरक्षाकर्मियों की नींद खुली। उन्होंने करीब साढ़े तीन बजे हादसे की सूचना पुलिस व फायर कंट्रोल रूम को दी।
फ्लैट खाली कर होटल व रिश्तेदारों के घर गए लोग
आग के बाद का हाल
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तड़के करीब चार बजे पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया। हादसे में अपार्टमेंट में लगे कई एसी भी जल गए। परिवारों ने बालकनी से दूसरे फ्लैट की बालकनी में कूदकर जान बचाई। सुबह पांच बजे सभी 16 परिवारों ने फ्लैट खाली कर दिए और सुरक्षित बाहर आ गए।
अग्निकांड के बाद लोगों ने करीब 20 घंटे तक बिना बिजली व पानी के काम चलाया। सूचना के बावजूद बिल्डर ने कोई इंतजाम नहीं किया। देर शाम तक 16 परिवारों ने अपने रिश्तेदारों और होटलों में शरण ले ली थी।
अपार्टमेंट में एक लिफ्ट है। जो अक्सर खराब रहती है। सुरक्षा के नाम पर महज दो गार्ड बिना असलहे के तैनात किए गए हैं। आवासीय भवन होने के बावजूद व्यापारिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
गुल पैलेस में रहने वाले मनी द्विवेदी, गीतिका जायसवाल, अगेय पाल सिंह, आसमां, गरिमा, रूचि, विक्टर डेविड व सुमनलता रस्तोगी समेत कई परिवार के लोग बृहस्पतिवार दोपहर हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और बिल्डर मोहम्मद रिजवान के खिलाफ तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने लापरवाही की प्राथमिकी दर्ज की है।