ट्रेडिंग और क्रेडिट कार्ड का झांसा देकर 1.83 करोड़ रुपये ठगे
लखनऊ। साइबर ठगों ने दो अलग-अलग वारदातों में कारोबारी और बुजुर्ग दंपती से कुल 1.83 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पहले मामले में ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर कारोबारी से डेढ़ करोड़ रुपये हड़पे गए। दूसरे मामले में क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर बुजुर्ग दंपती के खातों से 33.21 लाख रुपये पार कर दिए। दोनों ही मामलों में पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गोमतीनगर विस्तार निवासी कारोबारी पंकज भार्गव के अनुसार 22 अप्रैल को अनजान व्हाट्सएप कॉल आई थी। इसमें कॉलर ने खुद को स्टॉक एक्सपर्ट बताते हुए वेंचरा सिक्योरिटीज वीआईपी स्ट्रेटजी ग्रुप से जोड़ने की पेशकश की। एक लिंक भेजकर एप डाउनलोड कराया और ट्रेडिंग में निवेश के लिए उकसाया गया। आरोपियों ने फर्जी मुनाफा दिखाकर 13 बार में करीब 1.5 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब रकम वापस लेने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स जमा करने को कहा। इन्कार पर उन्हें व्हाट्सएप और एप से ब्लॉक कर दिया गया। कारोबारी के अनुसार रकम बंधन बैंक, आईडीएफसी और इंडसइंड बैंक के खातों में भेजी गई थी।
बुजुर्ग दंपती के खातों से 33.21 लाख की सेंध
गोमतीनगर के विवेकखंड निवासी करन सिंह और उनकी पत्नी के साथ भी ठगी का मामला सामने आया है। 10 मई की शाम को करन को एक व्यक्ति ने क्रेडिट कार्ड कंपनी का कर्मचारी बनकर कॉल की और कहा कि उन्हें कार्ड के लिए एप्लीकेशन लिंक भेजा जाएगा। लिंक एक एपीके फाइल थी, जिसे डाउनलोड करते ही पीड़ित के मोबाइल में सेंध लग गई। उनके खाते से 11 लाख रुपये निकल गए। शिकायत के बावजूद अगले दिन उनकी पत्नी का फोन भी हैक कर लिया गया और खाते से 22.21 लाख रुपये निकाल लिए गए। दोनों ने तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की।
पुलिस का बयान
इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव ने बताया कि दोनों मामलों में जांच जारी है और जालसाजों का पता लगाया जा रहा है। लोगों से अपील की है कि किसी भी अंजान कॉल, लिंक या एप से सावधान रहें और कोई भी वित्तीय जानकारी साझा न करें।