अमेठी की जनसभा में ‘नीच राजनीति’ संबंधी बयान देने के मामले में प्रियंका वाड्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग वाली अर्जी सीजेएम कोर्ट में दाखिल की गई है।
इस मामले में 24 मई को सुनवाई होगी। सीजेएम सुनील कुमार ने कहा कि 24 मई को इस बिंदु पर सुनवाई की जाएगी कि अर्जी सुनवाई योग्य है या नहीं।
सीजेएम कोर्ट में गुरुवार को अर्जी देकर पीपी पांडेय ने बताया कि 5 मई को प्रियंका वाड्रा ने अमेठी में आयोजित एक जनसभा में ‘नीच राजनीति’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
इससे हिंदुओं और भाजपा नेता नरेंद्र मोदी पर विश्वास रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
अर्जी के मुताबिक प्रियंका वाड्रा का यह बयान अपराध की श्रेणी में आता है। लिहाजा इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जाए।
क्या था प्रियंका वाड्रा का बयान
प्रियंका वाड्रा ने भाजपा पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को नीच राजनीति करने वाला बताया था।
उन्होंने कहा, मोदी ने उनके शहीद पिता का अपमान किया है, और वे नीच राजनीति करते हैं।
बताते चलें कि अमेठी में 6 मई को नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा के दौरान राजीव गांधी पर टिप्पणी करते हुए उन्हें गुस्से की राजनीति करने वाला बताया था।
उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी पर भी गुस्से की राजनीति करने का आरोप लगाया था।
ट्विटर क्या बोले मोदी
प्रियंका के इस जवाब के बाद मोदी भला कैसे चुप रहते, उन्होंने ट्वीटर पर प्रियंका को आड़े हाथों लिया और कहा, इस नीच राजनीति की ऊंचाई पिछले 60 सालों के कुशासन और वोट बैंक की राजनीति से भारत को मुक्त कर...भारत मां के कोटि-कोटि जन के आंसू पोछेगी।
उन्होंने आगे लिखा है कि इसी नीच राजनीति की ऊंचाई भारत मां को एक समृद्ध और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में विश्व में स्थान दिलाने की ताकत रखती है।
मोदी ने अपने तीसरे ट्वीट में कहा है, सामाजिक रूप से निचले वर्ग से आया हूँ इसलिये मेरी राजनीति उन लोगों के लिये ‘नीच राजनीति’ ही होगी |
मोदी ने अगला ट्वीट किया है, हो सकता है कुछ लोगों को यह नजर नहीं आता हो पर निचली जातियों के त्याग, बलिदान और पुरुषार्थ की देश को इस ऊँचाई पर पहुँचाने में अहम भूमिका है।