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दयाशंकर की तलाश में जगह-जगह छापे, घरवालों पर भी पुलिस की नजर

Thu, 21 Jul 2016 05:22 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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दयाशंकर
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बसपा सुप्रीमो मायावती पर अभद्र ट‌िप्पणी करने वाले नेता दयाशंकर की ग‌िरफ्तारी के ‌ल‌िए पुल‌िस ने छापेमारी अभ‌ियान शुरू कर द‌िया है। प‌ु‌ल‌िस  ने उनके बल‌िया स्थ‌ित आवास पर तलाशी ली और  सीओ केसी सिंह के नेतृत्व में छापेमारी अभ‌ियान चलाया। पुल‌िस उनके पर‌िजनों पर नजर रखे हुए है वहीं पुलिस ने दयाशंकर सिंह के भाई धर्मेंद्र स‌िंह को उठा ल‌िया ज‌िसके विरोध मे छात्र नेता पुलिस लाइन मे धरने पर बैठ गए।
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पुलिस के अनुसार उनके और भी ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार दयाशंकर सिंह बलिया से गोरखपुर के लिए निकल गए है। वहीं लखनऊ में उनके ऑफ‌िसर्स कॉलोनी आवास पर भी सुरक्षा के ल‌िहाज से पुल‌िस तैनात कर दी गई है। आवास पर उनके दो नौकरों के स‌िवा कोई नहीं है। वहीं सूत्रों के मुताब‌िक उनकी लोकेशन सर्व‌िलांस से ट्रेस भी ट्रेस की जा रही है।
बता दें क‌िबहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की अशोभनीय टिप्पणी को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी गंभीरता से लिया।
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उन्होंने इस प्रकरण में तहरीर मिलने पर राजधानी पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जिसके बाद बुधवार देर शाम बसपा के राष्ट्रीय सचिव मेवालाल गौतम ने दयाशंकर सिंह के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में दलित समाज को भड़काकर उन्माद फैलाने, अपमानित करने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई।
मेवालाल गौतम का कहना है कि चार बार सूबे की मुख्यमंत्री रही मायावती अनुसूचित जाति की हैं। बलिया के चंद्रशेखरनगर निवासी भाजपा नेता दयाशंकर सिंह यह अच्छी तरह से जानते हैं, इसके बाद भी उन्होंने बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपमानित करने के उद्देश्य से सार्वजनिक रूप से अशोभनीय व निंदनीय टिप्पणी की।

उन्होंने मायावती के खिलाफ गाली-गलौज व अशोभनीय टिप्पणी कर बसपा कार्यकर्ताओं और दलित समाज को भड़काने का काम किया।
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दलित समाज का हुआ अपमान

मेवालाल ने कहा, दयाशंकर सिंह ने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिन्हें एफआईआर में दोहराना व लिखना संभव नहीं है। इनके इस कृत्य से दलित समाज का अपमान हुआ है और इससे दंगा भी हो सकता है। उन्होंने दयाशंकर सिंह के वक्तव्य की रिकार्डिंग एक सीडी में बनाकर पुलिस को दी।

उधर, नसीमुद्दीन सिद्दीकी की अगुआई में पार्टी के सभी विधायक, सांसद और सभी विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारी व नेताओं ने गुरुवार को लखनऊ में जमकर प्रदर्शन और हंगामा क‌िया। बसपा कार्यकर्ताओं ने कई घंटे सड़कों पर जाम लगाए रखा और दयाशंकर का पुतला फूंका। पुल‌िस ने 36 घंटे में दयाशंकर की ग‌िरफ्तारी का आश्वासन द‌िया तब जाकर उनका गुस्सा शांत हुआ।

 
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