गोंडा, बलरामपुर और कैसरगंज से 30 साल सांसद और 12 साल डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष रहे बृजभूषण शरण सिंह के अंदाज में ही भाजपा प्रत्याशी व उनके बेटे करण भूषण सिंह और समर्थक प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बन रहे हैं। पिछले दिनों प्रशासन ने कैसरगंज सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ खरगूपुर थाने में आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज कराया था। लगातार भाजपा प्रत्याशी करणभूषण सिंह और उनके समर्थक आचार संहिता और निषेधाज्ञा कानून की धज्जियां उड़ाते रहे हैं।
कैसरगंज में आचार संहिता की सरेआम उड़ाई जा रही धज्जियां
भले ही प्रशासन की ओर से सिंगल विंडो स्थापित कर सभा और चुनाव प्रचार करने के लिए अनुमति लेने की व्यवस्था दी हो। मगर किसी भी राजनीतिक दल की ओर से सभा और गाड़ियों के लिए अनुमति तक नहीं ली जा रही है। 14 अप्रैल अंबेडकर जयंती पर भाजपा ने सभा के लिए अनुमति ली थी। इसी तरह से 19 अप्रैल को सपा की ओर से अनुमति ली गई। ऐसे में प्रशासन राजनीतिक दलों के कार्यक्रम और सभाओं से बेखबर रह रहा है तो वहीं पुलिस प्रशासन तमाशबीन बनी हुई है।