चॉकलेट बर्फी के नमूने की लैब जांच में स्टार्च की मिलावट पाए जाने पर एडीएम पूर्वी कोर्ट ने दुकान संचालक के खिलाफ दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
एफएसडीए कोर्ट ने आरोपी को एक माह में जुर्माना राशि जमा कराने का निर्देश दिया। तय समय में जुर्माना जमा न करने पर आरसी जारी कर वसूली होगी।
बीते वर्ष 28 अगस्त को एफएसडीए टीम ने काकोरी क्षेत्र में जलालपुर गांव में मुन्नी लाल राठौर की मिठाई दुकान से चांदी वर्क लगी चॉकलेट बर्फी का नमूना सील कर लैब जांच के लिए भेजा था।
जांच रिपोर्ट में बर्फी के नमूने में स्टार्च (अरारोट) मिलावट की पुष्टि हुई। सुरक्षित श्रेणी में फेल आई रिपोर्ट के आधार पर 19 मार्च 2014 को एफएसडीए की तरफ से संचालक के खिलाफ एडीएम पूर्वी कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया।
एडीएम पूर्वी जेपी सिंह ने सुनवाई के बाद खाद्य सुरक्षा व मानक एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ दस हजार रुपये जुर्माना लगाया।
वहीं, एडीएम पूर्वी कोर्ट ने कृष्णानगर थानाक्षेत्र से जुड़े लाइसेंसी शस्त्र मामले में आरोपी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया।
कृष्णानगर थानाध्यक्ष की तरफ से दर्ज वाद संख्या 30-2014 में भोला खेड़ा कनौसी निवासी राम आसरे पाल पुत्र महादेव के नाम जारी शस्त्र लाइसेंस संख्या 571 को निरस्त किए जाने की अपील की गई थी।
पुलिस का कहना था कि शस्त्रधारी पर धारा 302 के तहत मुकदमा विचाराधीन है। ऐसे में आरोपी के लाइसेंसी शस्त्र से समाज को खतरा बना हुआ है।