करोड़ों रुपये हैं एफडीएफ में
फिल्म डवलपमेंट फंड एफडीएफ के लिए सिनेमाप्रेमियों के टिकट से पैसा लिया जाता है। मसलन, हर टिकट पर पचास पैसे लिए जाते रहे हैं। आशीष अग्रवाल बताते हैं कि वर्षों से यह चार्ज लिया जा रहा है, लिहाजा इस मद में करोड़ों रुपये जमा हो चुके हैं। इसी मद से फिल्मों की शूटिंग करने वालों को सब्सिडी दी जाती है। इससे ही सिंगल स्क्रीन थिएटरों के भाग्य को बदला जा सकता है।
सब्सिडी दोबारा शुरू हो तो बने बात
सिंगल स्क्रीन थिएटर को पुनर्जीवित करने के लिए पहले जो प्लान बनाया गया था, उसके मुताबिक थिएटर की जगह मल्टीप्लेक्स बनाने पर पांच साल तक टैक्स में छूट मिलती थी। पर, वर्ष 2020 में इसे अचानक बंद कर दिया गया।
आशीष अग्रवाल बताते हैं कि इस सब्सिडी को दोबारा शुरू करवाने केलिए प्रपोजल दिया गया है। ऐसा होने पर सिंगल स्क्रीन के दिन संवर जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।