सचिवालय संघ के चुनाव को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए हैं।
सचिवालय संघ के संयुक्त सचिव और कंप्यूटर सहायक एवं सहायक समीक्षा अधिकारी संघ के अध्यक्ष सौरभ सिंह की अगुवाई वाले गुट ने समय से चुनाव न कराने पर आक्रोश जताते हुए संघ को भंग कर चुनाव कराने की मांग की है।
तो सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र व सचिव ओंकार नाथ तिवारी ने सौरभ सिंह पर संघ व कर्मचारी विरोधी गतिविधि का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की चेतावनी दी है।
सचिवालय संघ का कार्यकाल पूरा हो चुका है लेकिन चुनाव नहीं कराया गया है। सौरभ सिंह के नेतृत्व वाले कर्मचारी संघ का चुनाव कराने की मांग करते रहे हैं।
बुधवार को समीक्षा अधिकारी संघ की आमसभा की बैठक संवर्ग के काडर रिव्यू को लेकर थी। पर उन्होंने इसमें सचिवालय संघ का चुनाव न कराने को मुद्दा बना दिया।
उन्होंने संघ को भंग कर चुनाव कराने की मांग की। बाद में दावा किया कि इस मांग का प्रस्ताव पास कर मुख्य सचिव व सचिव सचिवालय प्रशासन को भेजा गया है।
साथ ही चुनाव कराने के लिए 11 सदस्यीय समिति भी गठित की गई है।
सिंह ने बताया कि संघ के खिलाफ कर्मचारियों में जबर्दस्त आक्रोश है जिसकी वजह सेइस प्रस्ताव पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए हैं।
उधर सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र व सचिव ओंकार नाथ तिवारी ने सौरभ सिंह की कार्यवाही पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सिंह संघ विरोधी गतिविधि में लिप्त हैं। वह संघ के पदाधिकारी होने के बावजूद कर्मचारी हित के बजाय व्यक्तिगत हित की लड़ाई लड़ रहे हैं।
गुरुवार को संघ की कार्यकारिणी की बैठक में उनके खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी। उनके कार्यप्रणाली की पोल खोली जाएगी।
रही चुनाव की बात, तो संघ चुनाव को लेकर गंभीर है। संघ इस संबंध में उचित समय पर निर्णय ले लेगा। उधर सचिवालय प्रशासन विभाग ने सचिवालय संघ को जल्द से जल्द चुनाव कराकर सूचित करने को कहा है।
साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र चुनाव न कराए गए तो शासन संघ की मान्यता समाप्त करने पर विचार करेगा।