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पहले दिन ‘फास्टैग’ से लगा जबरदस्त जाम, कई टोल प्लाजा पर लेना पड़ा 'लेन हाइब्रिड' का सहारा

Mon, 16 Dec 2019 06:33 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर बछरावां के पास बने टोल प्लाजा पर लगा गाड़ियों का जमावड़ा। - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर फास्टैग सिस्टम लागू किए जाने का पहला दिन बेहद मुसीबत भरा रहा। जहां दोनों दिशा में एक-एक ही कैश लेन थी, वहां सुबह 10 बजे से ही कई किलोमीटर लंबी लेन लगना प्रारंभ हो गईं। अलबत्ता जहां अधिकारियों ने कैश लेन की संख्या बढ़ाई, वहां जरूर थोड़ी राहत रही।

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कई टोल प्लाजा पर 25-50 फीसदी तक लेन हाईब्रिड (कैश और फास्टैग दोनों) करनी पड़ीं। लखनऊ-अयोध्या, बहराइच-बाराबंकी, लखनऊ-कानपुर, रूट पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लगी रहीं। 

स्टेट हाईवे पर कॉमर्शियल वाहनों ने टोल टैक्स
पीडब्ल्यूडी ने स्टेट हाईवे पर कॉमर्शियल वाहनों से टोल टैक्स वसूलने का निर्णय लिया है। इसका प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इससे स्टेट हाईवे के साथ ही अन्य सड़कों के रखरखाव में मदद मिलेगी। वर्तमान में यूपी में 241 राजमार्ग हैं। इनकी लंबाई 7012 किलोमीटर है।

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लखनऊ-अयोध्या हाई-वे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा

रविवार को सुबह 8 बजे से सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग व्यवस्था लागू कर दी गई। इसके तहत दोनों तरफ की एक-एक लेन पर ही कैश लिया जा सकता है। इसके चलते लखनऊ-फैजाबाद हाईवे पर सुबह से ही कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यहां दोनों तरफ साइड वाली वीआईपी लेन को ही कैश लेन रखा गया था।

शेष लेन में फास्टैग से ही पेमेंट हो रहा था। बहराइच-बाराबंकी हाईवे पर इंटरनेट कनेक्टिविटी में समस्या के कारण जिन गाड़ियों पर फास्टैग लगा हुआ था, उन्हें भी निकलने में काफी समय लगा। इसको लेकर कई वाहन स्वामियों ने गहरी नाराजगी भी जताई। 

कई जगह फास्टैग एकाउंट में कम बैलेंस या जीरो बैलेंस भी पहले दिन बड़ी समस्या बना। इसके चलते कई जगहों पर जाम भी लगा। एनएचएआई मुख्यालय ने अगले कुछ दिनों स्थिति पर पूरी तरह से निगाह रखने के निर्देश अपने अधिकारियों को दिए हैं।

कानपुर देहात में बारहजोर टोल प्लाजा पर रविवार को 16 लेन में से 4 लेन पर कैश पेमेंट लिया गया। यहां बता दें कि नई व्यवस्था में बिना फास्टैग वाले वाहनों के फास्टैग लेन में प्रवेश करने पर उनसे निर्धारित शुल्क का दोगुना शुल्क वसूलने का प्रावधान किया गया है।

5-30 फीसदी वाहन स्वामियों ने ही खरीदा फास्टैग

लखनऊ-कानपुर रूट पर दोपहर तक इतना ज्यादा जाम लग गया कि नवाबगंज स्थित टोल प्लाजा पर दोनों तरफ की दो-दो लेन हाईब्रिड करनी पड़ीं। यहां कुल आठ लेन हैं। जहां अधिकारियों ने हाईब्रिड लेन की संख्या बढ़ाने का निर्णय नहीं लिया, वहां दिन भर लंबे जाम की समस्या बनी रही।  

एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक 25-30 फीसदी वाहन स्वामियों ने ही फास्टैग खरीदा है। इसके चलते काफी समस्याएं खड़ी हो रही हैं। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने बताया कि अब फास्टैग व्यवस्था को थोड़े समय के लिए भी मुल्तवी नहीं किया जाएगा।

वाहन स्वामियों को हर हाल में फास्टैग व्यवस्था अपनानी होगी। हां, कुछ दिनों के लिए हाईब्रिड लेन की संख्या जरूर बढ़ाई जा रही है, पर इसे भी लंबे समय तक बरकरार नहीं रखा जाएगा। 

कैश व कार्ड से टोल चुका प्लाजा से गुजरीं 70 प्रतिशत गाड़ियां

नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के लखनऊ सर्किल के 11 टोल पर रविवार को आदेश के पहले दिन 70 प्रतिशत गाड़ियां बिना फास्टैग गुजरीं। राजधानी से अलग-अलग हाई-वे को जोड़ने वाले इन टोल प्लाजा के आंकड़ों में फास्टैग की कमी दिखाई दी है। इसका असर यह रहा कि बिना फास्टैग वाली लेन में लंबी लाइन लगी रही। वहीं फास्टैग लेन अधिकांश समय खाली ही रहीं।

एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरी ने बताया कि रविवार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक 11 टोल प्लाजा से 46 हजार गाड़ियां गुजरीं। इनमें से केवल 14 हजार पर ही फास्टैग लगे हुए थे। आंकड़ों को देखें तो करीब 30 प्रतिशत गाड़ियों ने ही फास्टैग लेन का उपयोग किया है।

उन्होंने बताया कि इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत करना है। इसके बाद हालात सामान्य होंगे। इसके बाद टोल प्लाजा पर ट्रैफिक भी संतुलित होगा। अभी एनएचएआई लगातार फास्टैग गाड़ियों को जारी करने पर काम कर रहा है। लंबी लेन में फंसने से बचने के लिए गाड़ी मालिक अब खुद ही फास्टैग लगवा रहे हैं।

फास्टैग अगर रिचार्ज नहीं तो लगेगा जुर्माना

एनएन गिरी ने बताया कि अगर टोल पर कोई गाड़ी फास्टैग लेन में मिलती है और उस पर टैग तो लगा है, पर रिचार्ज नहीं है तो उसका टोल कलेक्शन इलेक्ट्रॉनिक तरीके से नहीं होगा। इसे फास्टैग के बिना ही लेन में घुसना माना जाएगा। ऐसे में फास्टैग लेन में घुसने के लिए दो गुना टोल जुर्माना वसूला जाएगा। यह नियम सभी टोल प्लाजा पर लागू है।

फास्टैग को एक्टिव ही रखें
अधिकारियों का कहना है कि फास्टैग को गाड़ी पर लगवाने के बाद एक्टिव ही रखें। इसकी वजह यह है कि कार्ड को डी-एक्टिवेट होने के बाद एक्टिव करने के लिए तय प्रक्रिया है। इसमें 24 घंटे या अधिक का समय लग सकता है।

ऐसे में यात्रा के समय दिक्कत आ सकती है। सिक्योरिटी डिपोजिट जमा होने पर कार्ड पूरे समय एक्टिव बना रहेगा। केवल यात्रा के लिए जरूरी टोल की धनराशि वॉलेट या लिंक्ड बैंक एकाउंट में होना जरूरी है।

कैश लाइन में दो किमी लंबी लाइन

सीतापुर हाई-वे पर इटौंजा के मानपुर चौराहा पर स्थित टोल प्लाजा पर अव्यवस्था पहले दिन बनी रही। यहां सुबह आठ बजे की जगह एक घंटे बाद फास्टैग लेन जहां शुरू हो सकीं वहीं, बिना टैग के गाड़ियों को फास्टैग लेन में ले जाने पर भी हंगामा बना रहा।

टोल प्लाजा की 10 लाइनों में से 6 में फास्टैग लागू किया गया, जबकि दो लाइन में फ फास्टैग और कैश के लिए हाइब्रिड लेन बनाई गई। दो लाइन को पूरी तरह कैश लेन रखा गया। कैश लेन में सुबह से ही लंबी लाइन लगनी शुरू हो गईं। पेट्रोलिंग प्रभारी राजेश पाठक ने बताया कि छुट्टी का दिन होने से गाड़ियों की आवाजाही कम रही।

इसके बाद भी अधिकांश वाहनों में टैग नहीं होने से लाइनें लग गईं। फास्टैग गाड़ियों में मौके पर ही लगाने के लिए पांच काउंटर भी लगाए गए हैं। अधिकांश समय फास्टैग वाली लेन में सन्नाटा ही पसरा रहा। एनएचएआई के अधिकारी भी निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंचे।
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हंगामा हुआ तो खोली दूसरी कैश लेन

रायबरेली रोड पर निगोहां में पहले ही दिन एनएचएआई के अधिकारी अव्यवस्था से ही निबटते रहे। यहां पहले एक लेन ही कैश के लिए रखी गई। लंबी लाइन लगने के बाद हंगामा वाहन चालकों ने शुरू कर दिया।

इसके बाद एक लेन यहां कैश के लिए बढ़ानी पड़ी, लेकिन शाम तक लाइन लगी रही। वहीं फास्टैग लेन में सन्नाटा ही बना रहा। इसकी वजह गाड़ियों की कम संख्या ही बताई गई है। 

रखी जा रही एक से अधिक कैश लेन
फास्टैग की वजह से किसी को दिक्कत न हो। इसके लिए सभी टोल पर एनएचएआई के अधिकारियों की टीम मौजूद है। मैं खुद टोल पर जाकर निरीक्षण कर रहा हूं। हमारी पहली प्राथमिकता किसी भी तरह कानून व्यवस्था बिगड़ने से रोकना है। इसके लिए एक से अधिक कैश लेन रखी जा रही हैं।  - एनएन गिरी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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