काकोरी में मुजफ्फरनगर पलिया समिति जर्जर होने के चलते बंद पड़ी है।
लखनऊ। अधिकारियों के चेकिंग अभियान और कार्रवाई के बाद भी जिले में खाद की किल्लत और इन्हें मनमानी कीमत पर बेचे जाने की समस्या खत्म नहीं हो रही है। इससे किसान परेशान हैं।
काकोरी के यूपीपीसीएफ कृषक सेवा केंद्र में यूरिया व डीएपी न होने से किसानों को दिक्कत हो रही है। उधर, सचिव नीरज कुमार का कहना है कि दो दिन बाद खाद आ जाएगी। इसके बाद ही वितरण शुरू हो सकेगा। क्षेत्र की सकरा स्थित साधन सहकारी समिति पर डीएपी का वितरण हो रहा है, लेकिन बुधवार को मुजफ्फरनगर पलिया समिति बंद मिली। किसानों ने बताया कि समिति का भवन जर्जर हालत में होने से बारिश में यहां उर्वरक का वितरण बंद रहता है। मुबारकपुर गांव में बनी समिति पर भी दोपहर 1:50 बजे ताला लटका मिला। क्षेत्र की सात समितियों का संचालन तीन सचिव कर रहे हैं।
सरोजनीनगर क्षेत्र की सभी आठ समितियों पर खाद की उपलब्धता मिली, लेकिन यहां किसानों को ज्यादा दाम पर बेची जा रही थी। किसान महेश व राजू ने बताया कि यूरिया का सरकारी रेट 266.50 रुपये है, जो 270 रुपये में बेची जा रही है। इसी तरह डीएपी पर दुकानदार प्रति बोरी 10 रुपये अधिक वसूल रहे हैं। माल में डीएपी का स्टॉक खाली मिला। यहां भी यूरिया 270 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जाती मिली। इसी तरह किसान सेवा केंद्र हरदइया, मोहनलालगंज, निगोहां में भी किसानों को उर्वरक निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर दुकानदारों ने बेची।