बदायूं से आए परिवार ने बृहस्पतिवार सुबह विधानभवन के सामने पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह की दूसरी बार कोशिश की। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने उन्हें इससे पहले ही रोक लिया। पीड़ित परिवार चार महीने बाद भी नाबालिग बेटी का पता न चलने और अपहर्ताओं की गिरफ्तारी न होने से दुखी था।
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15 दिसंबर को इसी परिवार ने आत्मदाह की कोशिश की थी और पुलिसकर्मियों ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेजा था। पीड़ित किसानराजवीर यादव ने बताया कि वह बदायूं के मूसाझाग किसरुवा में रहता है। बीती 13 सितंबर को उसकी 16 वर्षीय बेटी को पड़ोसी धरा, धीरपाल, अशोक ने अगवा कर लिया। तीन दिन तक दौड़ाने के बाद मूसाझाग थाने की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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उसके बाद से चार महीने बीत गए न तो पुलिस अब तक बेटी को बरामद कर पाई और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर पाई। एसएसपी से लेकर डीआइजी-आईजी से गुहार लगाई, पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
बृहस्पतिवार को इसी महीने में दूसरी बार परिवार संग विधानभवन के सामने पहुंचा। पेट्रोल उड़ेलकर आग लगाने की कोशिश की। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे दबोचकर कोतवाली ले आए। पुलिसकर्मियों ने बदायूं पुलिस से संपर्क करके कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिलवाकर वापस भेजा।