इसके आधार पर ही सिम बेचने वालों को कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा। बीएसएनएल से जुड़े वरिष्ठ मार्केटिंग अधिकारी ने बताया कि अकेले पूर्वी सर्किल में ही बीएसएनएल सहित एक दर्जन से अधिक निजी मोबाइल ऑपरेटरों के करीब ढाई लाख से अधिक सिम कार्ड फर्जी नाम-पते पर चालू कर प्रयोग में लाने का अंदेशा है।
इसे देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए डीओटी स्तर पर ऐसे सिम कार्डों को ढूंढकर बंद कराया जाएगा। कार्रवाई केंद्रीय दूर संचार मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देश के आधार पर होगी। विजिलेंस इकाई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राजधानी में चालू ऐसे सिम में से 80 फीसदी निजी स्तर पर संचालित मोबाइल कंपनियों के और बीस प्रतिशत बीएसएनएल से जुड़े हो सकते हैं। ऐसे सिम कार्डों को मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से जुड़े मार्केटिंग इकाई के अधिकृत सेल्स एजेंटों के मोबाइल के आईएमईआई के सहारे पकड़ कर कार्रवाई की जाएगी।