कांग्रेस नेता संजीव अवस्थी की जाली नोटों के साथ फर्जी तरीके से गिरफ्तारी के मामले में आरोपी एक सब इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबलों को एसएसपी अजय कुमार मिश्र ने सस्पेंड कर दिया है।
यह पुलिसकर्मी गुडवर्क करने वाली टीम में शामिल थे और शहर में ही तैनात हैं।
कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद से तीनों बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी से गायब चल रहे हैं।
उधर, ईओडब्लू ने मामले के आरोपी फरार इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी के गृह जनपद में दबिश दी। हालांकि उनका पता नहीं चला।
बांदा निवासी संजीव अवस्थी को 2 फरवरी 2011 को घंटाघर चौराहा के पास से तत्कालीन कलक्टरगंज थाना प्रभारी दिनेश त्रिपाठी ने गिरफ्तार किया था।
बाबूपुरवा क्षेत्र में रहने वाले उनके ड्राइवर और एक दोस्त को भी पकड़ा गया था।
इंस्पेक्टर ने दावा किया था कि कांग्रेस नेता जाली नोट की सप्लाई देने कानपुर आए थे।
संजीव के पास साढ़े चार लाख रुपये के जाली नोट बरामद होने का दावा किया गया था।
वहीं संजीव ने तत्कालीन बसपा सरकार के इशारे पर फर्जी फंसाने का आरोप लगाया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईओडब्लू (आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा) ने मामले की जांच की। इसमें संजीव को फर्जी तरीके से फंसाने की बात खुली।
आरोपी पुलिस टीम के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मिलने के बाद ईओडब्लू ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की।
कोर्ट से इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी समेत नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल कर लिए थे।
इनमें दिनेश त्रिपाठी वर्तमान में अकबरपुर कोतवाली (कानपुर देहात), एसआई दिलीप वर्मा थाना चकरनगर इटावा, एसआई भारत सिंह चकेरी, कांस्टेबल हफीक जीआरपी सेंट्रल, कांस्टेबल रमेश चंद्र वैश्य नजीराबाद, बृजेश बहादुर सिंह बाबूपुरवा थाने में तैनात हैं।
कांस्टेबल हंसराज सिंह मिर्जापुर कोतवाली, कांस्टेबल राजकरन सिंह थाना पीजीआई लखनऊ और रामकरन कोतवाली उन्नाव में तैनात हैं।
एनबीडब्लू जारी होने के बाद से सभी नौ पुलिसकर्मी बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी से गायब हैं।
एसआई भारत सिंह, कांस्टेबल बृजेश बहादुर सिंह और रमेश चंद्र वैश्य को बिना सूचना ड्यूटी से गायब रहने पर एसएसपी ने शुक्रवार को सस्पेंड कर दिया।
उधर, ईओडब्लू ने हाल ही में इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी के जौनपुर के पवारा गांव स्थित पैतृक घर में दबिश दी, लेकिन त्रिपाठी का पता नहीं चला।
सूत्रों के मुताबिक ईओडब्लू अब उनके इलाहाबाद स्थित घर और अन्य ठिकानों पर दबिश की तैयारी में है। अन्य आरोपियों को भी पकड़ने की कवायद चल रही है।