लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमों ने गुरुवार सुबह दवा की दुकान पर चेकिंग करने पहुंचे जीएसटी के फर्जी असिस्टेंट कमिश्नर समेत दो जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों नीली बत्ती लगी कार से दवा की दुकान पर चेकिंग करने पहुंचे थे। आरोपियों के पास से फर्जी पहचान पत्र भी मिला है। इन दोनों के दो साथियों को गाजीपुर पुलिस ने दो दिन पहले ही रेमडेसिविर इंजेक्शन व लग्जरी वाहन के साथ गिरफ्तार किया था। जिनसे पूछताछ के बाद गुरुवार को इन दोनों को भी दबोच लिया गया।
पीजीआई के पास एक मेडिकल स्टोर पर गुरुवार सुबह नीली बत्ती लगी कार से दो युवक पहुंचे। कार पर भारत सरकार भी लिखा था। इनमें से एक ने दुकानदार से खुद को जीएसटी का असिस्टेंट कमिश्नर बताया और पहचान पत्र दिखाते हुए चेकिंग करने की बात कही। दुकानदार ने दोनों से बातचीत करने के साथ ही शक होने पर चुपके से पुलिस को सूचना दे दी।
इस पर पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों को वहीं से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए रीतेश उपाध्याय व अखंड प्रताप को दो दिन से पुलिस तलाश रही थी। पता चला कि ये दोनों कई दिनों से दवा की दुकानों व एजेंसियों पर चेकिंग के नाम पर वसूली कर रहे थे। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
दरअसल, गाजीपुर थाने की पुलिस ने दो दिन पहले लग्जरी कार सवार दो लोगों को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा था। दोनों से पूछताछ में रीतेश उपाध्याय व अखंड प्रताप सिंह का नाम भी पता चला था। इसके चलते इन दोनों को पुलिस तलाश रही थी और गुरुवार को आखिरकार ये दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए। मामले में पीजीआई थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।