राजधानी में काफी दिनों से चल रहे एक फर्जी हॉस्पिटल पर शुक्रवार को ताला लग गया।
यहां एक बीएएमएस (आयुर्वेद) डॉक्टर बाकायदा हॉस्पिटल चला रहा था। हॉस्पिटल भी ऐसा-वैसा नहीं, ऑपरेशन थिएटर से लैस।
यहां खासी तादाद में ऑपरेशन किए जा रहे थे। करीब दस दिन पहले हुए निरीक्षण में पाया गया कि तेलीबाग का यह अग्निहोत्री हॉस्पिटल नियमों को ताक पर रखकर चलाया जा रहा है। यहां किसी मरीज को यह ही नहीं पता कि कौन सा डॉक्टर किसका इलाज कर रहा है।
उस वक्त सीएमओ की टीम ने चेतावनी देकर हॉस्पिटल बंद करने का निर्देश दिया था, लेकिन मालिक डॉ. मनीष त्रिपाठी पर कोई असर नहीं पड़ा। वह बदस्तूर हॉस्पिटल चलाता रहा।
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शुक्रवार को डिप्टी सीएमओ डीके चौधरी की टीम ने अग्निहोत्री हॉस्पिटल पर छापा मारकर और इसे सील कर दिया। हालांकि, अभी डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
टीम का कहना है कि पूरी जांच करने के बाद ही पुलिस के पास तहरीर दी जाएगी, उसके बाद ही न्यायिक प्रक्रिया शुरू होगी।
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छापे के वक्त हॉस्पिटल में तीन मरीजों का इलाज चल रहा था। जांच टीम के मुताबिक, यहां एनआरएचएम की दवाओं का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। यहां एक यूनिट बी पॉजिटिव ब्लड भी पाया गया।
साथ ही, हॉस्पिटल में नारकोटिक्स के कई ड्रग भी पाए गए हैं।
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