सपा से निष्कासित विधायक रामपाल यादव ने रविवार को सपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कहा कि इस दल में समाजवादी विचारधारा समाप्त है और परिवारवादी सोच हावी हो गई है।
25 साल तक पार्टी के लिए खून-पसीना बहाने के बावजूद मेरे साथ अंग्रेजी हुकूमत से भी बदतर सुलूक किया गया, लेकिन अब मैं डरने वाला नहीं हूं। जब तक जिंदा रहूंगा सपा के खिलाफ संघर्ष करता रहूंगा और इसे मटियामेट कर दूंगा।
राजधानी के जियामऊ में बन रहा कॉम्प्लेक्स व सीतापुर में होटल गिराने के बाद रामपाल यादव पहली बार मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा, इस कार्रवाई के बाद भी मेरा उत्पीड़न किया जा रहा है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से अपना कुसूर पूछते हुए खुद ही इसका जवाब भी दिया। कहा, पंचायत चुनाव में अपने बेटे और बेटी को चुनाव लड़ाने व जिताने की मुझे सजा मिली है। सीतापुर में अधिक संख्या में होने के बावजूद मुस्लिम और ब्राम्हणों की उपेक्षा का मुद्दा उठाने से भी मुलायम, अखिलेश व शिवपाल नाराज हो गए।
उपेक्षित व गरीबों की आवाज उठाना अगर अपराध है तो यह अपराध मैं बार-बार करूंगा। सपा के खिलाफ संघर्ष शुरू हो चुका है। इसका नतीजा 2017 के चुनाव में सामने आएगा।
पदयात्रा कर जनता को बताएंगे सपा की सच्चाई
- फोटो : amar ujala
अपने अगले कदम के बारे में उन्होंने कहा, सीतापुर और आसपास की जनता को सच्चाई बताएंगे और सीतापुर से लखनऊ के बीच जल्द ही पदयात्रा शुरू करेंगे।
सरकार द्वारा की गई ज्यादती के बारे में जनता को बताएंगे। किसी अन्य दल में जाने के सवाल पर कहा, जो भी पार्टी संकटकाल में उनकी मदद करेगी और सम्मान से बुलाएगी तो वह जरूर सोचेंगे।
सपा नेताओं से जान को खतरा
रामपाल ने सपा के बड़े नेताओं से खुद व परिवार की जान को खतरा भी बताया। कहा, मेरी जान लेने के लिए ही मेरे सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया है। नियमानुसार विधायक होने के नाते मुझे सुरक्षा कर्मी मिलने चाहिए। हटाने से पहले मुझे कोई नोटिस या जानकारी भी नहीं दी गई कि क्यों और किस नियम के तहत सुरक्षा हटाई जा रही है।
मेरे व्यापारिक प्रतिष्ठान को जमींदोज करने के बाद सपा के कुछ नेता मेरी हत्या कराना चाहते हैं। मुझे मरवाने के लिए चंबल के बदमाशों को सुपारी दी गई है। किसी रोड एक्सीडेंट या अन्य किसी दुर्घटना के जरिये मेरी जान ली जा सकती है। इस बाबत राष्ट्रपति, राज्यपाल व कोर्ट समेत सभी वैधानिक संस्थाओं को लिखित तौर पर बता दिया गया है।
ध्वस्तीकरण के खिलाफ जाएंगे हाईकोर्ट
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लखनऊ में कॉम्प्लेक्स और सीतापुर में होटल गिराने की कार्रवाई को अवैधानिक बताते हुए रामपाल ने मीडिया के सामने स्वीकृत मानचित्र समेत अन्य कागजात दिखाए।
कहा, ध्वस्तीकरण के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। लखनऊ के डीएम, एसएसपी, एलडीए के वीसी और सचिव के अलावा सीतापुर के डीएम, एसपी, एडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट को भी पार्टी बनाएंगे।
एलडीए वीसी के स्कूल बिना नक्शे के चल रहे
उन्होंने कहा, इस कार्रवाई में मुझे करीब 15 करोड़ की आर्थिक क्षति हुई है। इसके मुआवजे के लिए कोर्ट से गुहार करेंगे। जियामऊ में 2500 मकान बिना नक्शा के बने हैं।
खुद एलडीए उपाध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह के दो स्कूल बिना नक्शे के संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद सिर्फ मेरे खिलाफ कार्रवाई करने पर सपा को जवाब देना होगा।