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शिक्षकों के 15 हजार पदों का मामला अब न्यायविभाग में

Sun, 08 May 2016 02:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : demo pic
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करीब डेढ़ साल पहले विज्ञापित शिक्षकों के 15 हजार रिक्त पदों में कुछ और पद जोड़ने का मामला शासन के न्याय विभाग में पहुंच गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस मामले में न्याय विभाग की राय मांगी है।
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बताते चलें कि बेरोजगार अभ्यर्थी सप्लीमेंटरी प्लान के 16448 पद भी इन रिक्तियों में शामिल करने की मांग कर रहे हैं।

बेसिक शिक्षा परिषद ने 12 दिसंबर 2014 को सहायक अध्यापक के 15 हजार पदों के लिए विज्ञापन निकाला था। इसमें टीईटी पास बीटीसी कोर्स किए युवाओं से आवेदन मांगे गए थे।

कुछ समय बाद डिप्लोमा इन एजुकेशन (स्पेशल एजुकेशन) यानी डीएड और बैचलर इन एलीमेंटरी एजुकेशन (बीएलएड) किए युवाओं ने इन भर्तियों में खुद को शामिल करवाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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अदालत ने इन युवाओं को भी आवेदन का मौका देने का आदेश दिया। इस मामले में गत 26 अप्रैल को आए हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय में छह सप्ताह के अंदर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए गए हैं।
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सचिव ने शासन ने मांगी मदद

- फोटो : Demo pic
अब इन भर्तियों के लिए आवेदन कर चुके बीटीसी अभ्यर्थी पदों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं। इस बारे में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने शासन से राय मांगी थी।

सचिव बेसिक शिक्षा अजय कुमार सिंह ने बताया कि पदों की संख्या बढ़ाए जाने के मामले में न्याय विभाग की राय मांगी गई है। उसके आधार पर भी अगला कोई निर्णय लिया जाएगा।

शिक्षामित्रों ने शुरू किया विरोध
15 हजार रिक्त पदों में और पद जोड़ने के मामले की भनक लगते ही शिक्षामित्रों ने विरोध शुरू कर दिया है।

उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि 16448 पद शिक्षामित्रों को समायोजित करने के लिए रखे गए हैं। अगर इन पदों को 2014 में विज्ञापित रिक्तियों में जोड़ा गया तो संगठन आंदोलन करेगा।
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