यूपी के बाराबंकी जिले में पंचायत चुनाव में खपाने के लिए हरियाणा से लाई गई दस हजार बोतल शराब शुक्रवार को आबकारी विभाग ने बरामद की। उपआबकारी आयुक्त फैजाबाद की अगुवाई में छापेमारी के दौरान डीसीएम चालक समेत तीन लोगों को दबोचा है।
आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शराब को जांच के लिए भेजा है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया है कि शराब हरियाणा से तस्करी कर ला रहे थे। जिले में तस्करों द्वारा अवैध ढंग से गैर प्रांत से भारी मात्रा में मिलावटी शराब लाकर बेची जा रही है।
सरकारी ठेकों पर बेची जा रही शराब से तस्कर सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं और मिलावटी शराब पीने वालों का जीवन भी संकट में पड़ रहा है। शासन के निर्देश पर आबकारी विभाग ने छापेमारी कर शुक्रवार भोर हैदरगढ़ क्षेत्र में लखनऊ-सुल्तानपुर मार्ग पर कस्बे के मुख्य चौराहे पर लखनऊ की ओर आ रही डीसीएम को रुकने का इशारा किया तो चालक ने गाड़ी मोड़कर भागने का प्रयास किया।
आबकारी टीम ने पीछा कर डीसीएम सवार चालक समेत तीन को दबोच लिया। पुलिस ने डीसीएम को कब्जे में ले लेकर छानबीन की तो डीसीएम से 798 पेटी (नौ हजार पांच सौ छिहत्तर बोतल) अंग्रेजी मिलावटी शराब लदी पाई गई है। सूचना पर मौके पर पहुंचे आबकारी निरीक्षक तनवीर अहमद ने आरोपियों से पूछताछ की।
आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश निवासी कृष बैरागी व उसके साथी रामसिंह और अजय के रूप में हुई। पुलिस आरोपियों से तस्कर का नाम नहीं कुबूलवा पाई। चालक ने बताया कि वह हरियाणा से शराब लेकर आया है।
आबकारी निरीक्षक ने कहा कि शराब की बोतल पर 42 प्रतिशत अल्कोहल की मात्रा दर्शाई गई है, जबकि जांच में मात्र 36 प्रतिशत अल्कोहल पाए जाने से शराब में मिलावट किए जाने की बात प्रमाणित होती है।